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75432 अल्पसंख्यक छात्रों की प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति फॉर्म का नहीं हो पाया सत्यापन

बोकारो और चतरा में एक भी अल्पसंख्यक छात्र के फॉर्म का नहीं हो पाया सत्यापन

2,013

Ranchi: राज्य में शिक्षा की लचर व्यवस्था जग जाहिर है. प्राथमिक शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, शिक्षा विभाग और कल्याण विभाग इसे लगातार हास्य बनाये हुए हैं. अल्पसंख्यक छात्रों के कल्याण के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्री मैट्रीक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है. राज्य में 80925 अल्पसंख्यक छात्रों को यह छात्रवृत्ति दी जानी है. इस साल लगभग 1,39000 छात्रों ने इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई किया है. लेकिन सही समय पर फॉर्म का वेरिफिकेशन नहीं होने से इनमें से 75,432 छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जायेंगे. बता दें कि फॉर्म का वेरिफिकेशन ऑनलाइन किया जाता है. वेरिफिकेशन करने का जिम्मेवारी जिला कल्याण पदाधिकारी की होती है.

30 नवंबर को बंद हो चुका है पोर्टल

छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 25 नवंबर थी.  इसके बाद पांच दिन में संबंधित अधिकारी को वेरिफिकेशन करना जरूरी है. लेकिन राज्य के कई स्कूलों के छात्रो के फॉर्म का वेरिफिकेशन नहीं हो पाया. इसमें अधिकांश बोकारो और चतरा के छात्र हैं. यहां कई फॉर्म का वेरिफिकेशन विद्यालय स्तर पर ही नहीं हो पाया है.

बोकारो और चतरा में एक भी फॉर्म का सत्यापन नहीं हुआ है

झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार बोकारो और चतरा जिले में एक भी छात्र के फ़ॉर्म का वेरिफिकेशन नहीं किया गया है. दोनों जिलों के नोडल पदाधिकारी या जिला कल्याण पदाधिकारी ने अब तक एक भी फॉर्म को वेरिफाइ नहीं किया है. बोकारो में 9594 आवेदन तो चतरा में 3050 फॉर्म का वेरिफिकेशन नहीं हुआ है. इस तरह अल्पसंख्यक छात्रों के लिए केंद से आने वाली एक बड़ी राशि का फायदा उनको नहीं मिल पायेगा.

शिक्षकों को भी नहीं होती जानकारी

कई छात्रों से बात करने से जानकारी हुई कि विद्यालय प्रबंधन को भी वेरिफिकेशन की जानकारी नहीं होती है.  जबकि अखबारों के माध्यम से इसके लिए विज्ञापन आते रहते हैं. विद्यालयों की ओर से वेरिफिकेशन नहीं होने पर जिला नोडल पदाधिकारी भी वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं. यह जानकारी यूनाइटेड मिल्ली फॉरम के सचिव अफजल अनीस ने दी है.

केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ाया समय

वेरिफिकेशन नहीं होने पर राज्य के कई अल्पसंख्यक संगठनों ने इसके लिए सरकार से गुहार लगायी. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को पत्र लिखा गया. इस पर अमल करते हुए केंद्र सरकार ने फॉर्म के वेरिफिकेशन के लिए 31 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया है. इसके पहले युनाइटेड मिल्ली फोरम झारखंड की ओर से भी झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, राज्य कल्याण विभाग आदि को पत्र लिखा गया. लेकिन इस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई.

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