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दो वर्षों में भी नहीं मिले सौ दावेदार, इंतजार में बैठा रहा खेल विभाग

Amit Jha

Ranchi : झारखंड खेल प्राधिकरण ने जनवरी, 2018 में तकनीकी पदाधिकारियों के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था. मकसद था खेल-खिलाड़ियों के लिए आदर्श माहौल बनाना.

खेल समन्वयक, स्टेडियम केयरटेकर, ग्राउंड्समैन, जिम ट्रेनर, इंजीनियर और इसी तरह अन्य पदों के लिए जारी विज्ञापन के आलोक में कायदे से आवेदन आये ही नहीं. खेल विभाग में माथापच्ची जारी है कि आखिर इस मसले का निदान किस तरह से हो.

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100 पदों के लिए जारी हुआ था आवेदन

खेल प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट (recruitment.sajha.in) पर विभिन्न तकनीकी पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. इसके अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 16 जनवरी, 2018 से शुरू हुई थी. लगभग 15 दिनों का समय यानि 30 जनवरी तक इसके लिए आवेदन किया जाना तय किया गया.

विज्ञापन के अनुसार, सभी चैबीस जिलों के लिए एक-एक खेल जिला खेल समन्वयक, हर जिले के लिए एक स्टेडियम केयरटेकर, ग्राउंड्समैन-24, जिम ट्रेनर-12, मालिशकर्ता-4, इंजीनियर (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर)-05, स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट-1, क्यूरेटर-1, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट-1, न्यूट्रिनिस्ट-1, फिजियोथेरेपिस्ट-1, स्पोर्ट्स कंपटीशन मैनेजर-1 और पीआरओ के एक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाये गये. कुल 100 पदों के लिए जारी विज्ञापन में आरक्षण कोटे का भी प्रावधान तय रखा गया था.

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अनुबंध आधारित नौकरी में नहीं दिखा उत्साह

खेल प्राधिकरण ने 100 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. उम्मीद जतायी थी कि बड़ी संख्या में योग्य प्रतिभागी सामने आयेंगे. पर ऐसा हो नहीं हो सका. औसतन सभी पदों के लिए 15,000-35,000 रुपये के नियत मानदेय वाले काम के लिए अपेक्षा से बहुत ही कम आवेदकों ने आवेदन डाले.

यहां तक कि 24 जिला खेल समन्वयक के पद के विरूद्ध एक भी आवेदन नहीं मिला. इस पद के लिए स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में डिग्री/डिप्लोमा या ग्रेजुएशन के साथ तीन बार नेशनल लेवल गेम में भागीदारी जैसी योग्यता की मांग की गयी थी.

जबकि क्यूरेटर के लिए एग्रीकल्चर में स्नातक के अलावा ग्राउंड तैयार करने में अनुभव की मांग की गयी थी. इसी तरह विभिन्न पदों के लिए अपेक्षित योग्यता मांगी गयी थी.

पर मात्र 12 महीने के सीमित अवधि के कार्यदायित्व और अनुकूल मानदेय और सेवा सुविधा प्रावधान नहीं होने के कारण ढंग से आवेदन आये ही नहीं. जानकारी के अनुसार, जनवरी, 2018 से पहले भी तीन बार इन पदों के लिए आवेदन मंगाये गये थे. लेकिन उस वक्त भी उम्मीदवारों की ओर से   अच्छी प्रतिक्रिया दिखायी नहीं दी थी.

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छलावा ही रहा खेल विभाग में रोजगार का अवसर

गौर करने वाली बात यो ये है कि 2015 से अब तक झारखंड खेल प्राधिकरण ने चार बार तकनीकी पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया. लेकिन हर बार उम्मीदों के विपरीत सीमित आवेदन ही आये.

50-100 आवेदन भी कायदे से कभी इन पदों के लिए प्राप्त नहीं हुए. खेल विभाग भी मानता है कि वांछित पदों के विरूद्ध आवेदकों की रुचि का नहीं दिखना बताता है कि इसमें सुधार की गुंजाइश है.

जिन पदों के लिए आवेदन मंगाये गये, उसके लिए जब तक आवेदकों के मन में बेहतर और सुरक्षित भविष्य की गारंटी सुनिश्चित नहीं होगी, समस्या बनी रहेगी. खेल जगत से जुड़े लोगों के अनुसार, पिछली सरकार में अनुबंध आधारित नौकरी के लिए विज्ञापन जारी करना महज छलावा ही कहा जाना चाहिए.

कड़ी मेहनत कर अध्ययन करने वाले और खेलों में कैरियर बनाने के इच्छुक लोग भला ऐसी नौकरी में क्यूं दिलचस्पी दिखाते. फिलहाल खेल प्राधिकरण विभागीय पदाधिकारियों के साथ इस विषय पर मंथन करने में लगा है. राज्य सरकार से इस पर समुचित निर्णय लिए जाने की प्रक्रिया चल रही है.

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