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513.42 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी नहीं बने 167 चेक डैम, विधायकों की अनुशंसा पर फिरा पानी

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Ranchi : किसानों की आय दोगुना करने के दावे पर ग्रहण लगता जा रहा है. सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के दावे सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गये हैं. लगभग डेढ़ साल पहले 167 चेकडैम बनाने के लिये 513.42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी. इन चैक डैमों से 38655 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होती. पर ऐसा नहीं हुआ. चेक डैमों के लिये जो खाका खींचा गया था, वह ठंढ़े बस्ते में चला गया.

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किस जिले में कितने चेक डैम बनने थे

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513.42 करोड़ से रांची में 19, खूंटी में 33,लोहरदगा में 11, गुमला में 43, सिमडेगा में 18, पश्चिमी सिंहभूम में 20, गढ़वा में 09, लातेहार में 36, पलामू में 17, रामगढ़ में 03, हजारीबाग में 12, कोडरमा में 18, बोकारो में 07, धनबाद में 04, दुमका में 43, गोड्डा में 09, साहेबगंज में 14, पाकुड़ में 13, देवघर में 26, जामताड़ा में 06 और गिरिडीह में 17 डैमों का निर्माण किया जाना था. चेकडैमों के लिये निकासी और व्ययन पदाधिकारी लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता  और लघु सिंचाई प्रमंडल रांची व दुमका के मुख्य अभियंता को नियंत्रण पदाधिकारी बनाया गया था.

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10 बराज के लिये 17.94 करोड़ की स्वीकृति, फिर भी नहीं बना

प्रदेश के सात जिलों में 10 बराज बनाने के लिये 17.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. इससे 2303 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई क्षमता में वृद्धि होती. खूंटी, गुमला और पूर्वी सिंहभूम में दो-दो बराज बनाये जाने थे. रांची, सरायकेला, देवघर और गोड्डा में एक-एक बराज बनाया जाना था. लेकिन यह भी ठंढ़े बस्ते में चला गया.

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विधायकों ने इन क्षेत्रों में की थी चेक डैम की अनुशंसा

आधे से अधिक विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिये चेक डैम बनाने की अनुशंसा की थी. इसके लिए चैक डैमों का खाका खींचा गया था. इस पर भी ग्रहण लग गया. विधायकों ने गोड्डा, पत्थरगामा, बसंतराय, देवघर, देवीपुर, पाकुड़, बरहरवा, सरैयाहाट, पोड़ेयाहाट, शिकारीपाड़ा, रानेश्वर, काठीकुंड, नाला, कंुडहित, फतेहपुर, सरिया, बगोदर, बिरनी, विष्णुगढ़, चास, चंदनक्यारी, हुंडरू, इजडला, डुंडू, मेहदी, सियाल, बारहमाचा, बसिया, सिसई, भरनो, कामडारा, बनानाल, बरांव, दुबर, बेड़मा, कसमार, गोमिया, पेटरवार, मंझारी, तांतनगर, कुमारडुबी, मझगांव, भागविला, नामकुम, नगड़ी, अनगड़ा, ओरमांझी, घाटशिला, बरकट्टा, जयनगर, चंदवारा, हजारीबाग, भवनाथपुर, नगरउंटारी और पदमा में चैक डैम निर्माण की अनुशंसा की थी. बावजूद इसके फाइल आगे नहीं बढ़ पाई.

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