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कोर्ट और सरकार के आदेश की परवाह नहीं, रांची में मनमानी पर उतरे प्राइवेट स्कूल

कम नहीं हो रही है प्राइवेट स्कूलों की मनमानी

Ranchi: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. कभी डेवलपमेंट तो कभी बिल्डिंग मेंटेनेंस के नाम पर स्कूल फी वसूल रहे हैं. कोरोना के कारण लॉकडाउन की वजह से स्कूल पूरी तरह से बंद हैं. इसके बावजूद बिल्डिंग फंड, मेटेंनेंस फंड व लाइब्रेरी फी की डिमांड स्कूल कर रहे हैं.

ताजा मामला जेवियर स्कूल का आया है जो पैरेंट्स से पैसे वसूलने के लिए पहली बार एनुअल फी और ग्रेच्युटी फंड लेने की शुरुआत की है. जिसके लिए पैरेंट्स से 200 रुपए हर महीने वसूले जा रहे हैं. अब पैरेंट्स ने स्कूलों की इस मनमानी से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है.

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सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के पैरा 117 और 118 के अनुसार कोई भी स्कूल मनमानी नहीं कर सकता. एनुअल चार्ज के नाम पर फी नहीं ले सकता और ऐसा कोई भी चार्ज नहीं ले सकता जबतक कि स्टूडेंट्स को वे सुविधाएं न दी गई हों. ये पूरी तरह से पैंडेमिक एक्ट और डिजास्टर मेनेजमेंट एक्ट का भी उल्लंघन है.

बताते चलें कि मंगलवार को स्कूल प्रबंधन ने पैरेंट्स के साथ मीटिंग की है और उनसे एनुअल फी जमा कराने को कहा है. साथ ही कहा कि स्कूल ने 3 करोड़ का लोन डेवलपमेंट के लिए लिया है. इसलिए पैरेंट्स को एनुअल फी व अन्य चार्ज देने होंगे.

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आदेश को भी नहीं मान रहा स्कूल प्रबंधन

झारखंड पैरेंट्स एसोसिएशन के अनुसार पिछले वर्ष लॉकडाउन में झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय) ने पहल की थी.

साथ ही यह आदेश जारी किया था कि कोरोना पैंडेमिक में प्राइवेट स्कूल किसी भी तरह की फी में बढ़ोत्तरी नहीं करेंगे. इसके अलावा किसी मद में कोई भी चार्ज नहीं ले सकेंगे. इसके बावजूद स्कूल मनमानी पर उतर आए है.

एसोसिएशन ने स्कूलों की मनमानी को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शिकायत की है, जिसमें सिटी के जेवीएम श्यामली स्कूल, ऑक्सफोर्ड स्कूल चुटिया, संत माइकल स्कूल कोलांबी, संत एन्थोनी स्कूल डोरंडा, संत फ्रांसिस स्कूल हरमू, सुरेन्द्रनाथ सेंटेनरी स्कूल दीपा टोली, डीएवी हेहल, डीएवी स्कूल गांधी नगर, डीएवी बरियातू, ब्रिजफोर्ड स्कूल, तुपूदाना, होली फैमिली चाइल्ड स्कूल, इटकी रोड, लोयला स्कूल बूटी मोड़ एवं लोयला स्कूल हिनू स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. स्कूल प्रबंधन ने फी में बढ़ोतरी कर दी है. वहीं बच्चों को मनमाना फी नहीं दिए जाने के कारण क्लास अटेंड नहीं करने दिया जा रहा है.

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सांसद संजय सेठ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

रांची में निजी स्कूलों द्वारा पूरा शुल्क लेने व शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने को लेकर सांसद संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखा है.

पत्र में सांसद ने कहा है कि कोरोना संक्रमण काल में हर नागरिक की जीवन चर्या प्रभावित हुई है. बहुत बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हुए हैं. कई परिवारों के समक्ष तो रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है. इन सभी परिस्थितियों में शिक्षा एक ऐसी चीज है, जिसे कोई भी परिवार दरकिनार नहीं कर सकता. शिक्षा हर परिवार की आवश्यक जरूरतों में शामिल है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे अभिभावक उनके पास आते हैं, जो निजी स्कूलों के द्वारा बढ़ाए गये शुल्क व अन्य मामलों को लेकर काफी परेशान हैं.

बीते साल 2020 में जबसे कोरोना का संक्रमण काल आया है, स्कूल बंद हैं. बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस हो रही है, क्लास ऑनलाइन होने के बावजूद बच्चों से पूरी फीस ली जा रही है.

वार्षिक शुल्क के साथ अन्य भी कई प्रकार के शुल्क लिए जा रहे हैं. इतना ही नहीं ऐसे समय में कई स्कूलों ने तो अपना शुल्क भी बढ़ा दिया है.

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सेठ ने कहा कि यह ऐसा दौर है, जब हर व्यक्ति, हर परिवार बुरी तरह से हैरान परेशान है. आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है. इस विषम परिस्थिति में निजी स्कूलों के द्वारा किया जा रहा, यह कार्य बेहद दुखद और चिंतनीय है.

रांची सहित पूरे झारखंड के बच्चों और अभिभावकों के हित को देखते हुए मेरा मानना है कि इस विषय पर कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है.

ऐसे सभी निजी विद्यालयों को कड़े निर्देश देने की आवश्यकता है ताकि विद्यालय बच्चों और अभिभावकों का आर्थिक शोषण नहीं कर सकें. आपसी समन्वय के साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बच्चों की शिक्षा भी जारी रहे और विद्यालय संचालन भी सुचारू रूप से हो सके.

इस दिशा में विद्यालय प्रबन्धन, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों की एक समन्वय समिति बनाकर भी इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है.

सेठ ने विश्वास जताया है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जनहित में मुख्यमंत्री आवश्यक कदम उठाएंगे.

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