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आदिवासी बनकर पायी राज्य प्रशासनिक सेवा की नौकरी, तीन अफसर होंगे बर्खास्त, कल्याण मंत्री के पीएस भी शामिल

आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले गैर आदिवासी की जमीन होगी जब्त, प्रस्ताव तैयार

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Ravi/Pravin

Ranchi: प्रदेश में आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले गैर आदिवासी लोगों की सरकार जमीन जब्त करेगी. राजस्व एवं निबंधन विभाग ने इस मामले में प्रस्ताव तैयार कर लिया है. अब इसे राज्यपाल की हरी झंडी का इंतजार है.

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जनजातीय परामर्शदात्री की पिछली बैठक में यह तय किया गया था कि आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले गैर आदिवासी पुरुषों को अगर आदिवासी समाज स्वीकार नहीं करता है तो आदिवासी महिला के नाम से अर्जित की गई जमीन वापस ले ली जायेगी.

कई मुखिया और जिला परिषद की सदस्यता भी होगी रद्द

सरकार ऐसे कई मुखिया और जिला परिषद के प्रतिनिधियों को चिन्हित कर रही है, जिन्होंने आदिवासी महिला से शादी की, और जनप्रतिनिधि बने हैं. ऐसे जनप्रतिनिधियों की सदस्यता भी रद्द की जायेगी. इस संबंध में आदिवासी समाज के परंपरागत ग्राम प्रधानों से भी मंतव्य मांगा गया है.

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राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन अफसर होंगे बर्खास्त

इन मामले में तीन राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी नप गये हैं. ये अफसर गैर आदिवासी की संतान हैं. इन्होंने आदिवासी पहचान देकर राज्य प्रशासनिक सेवा में नौकरी पाई है. इसमें एडीएम रैंक के अफसर संदीप बख्शी, कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के पीएस विल्सन भेंगरा और राजदीप जॉन के नाम शामिल हैं. कार्मिक ने इन अफसरों की फाइल मंगा ली है. जांच में सभी आरोप प्रमाणित पाये गये हैं. इनके बारे में आदिवासी समाज से भी राय मांगी गई थी. उसमें स्पष्ट कहा गया कि इन्हें किसी भी हाल में आदिवासी समाज स्वीकार नहीं करेगा.

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किस आधार पर हो रही अफसरों पर कार्रवाई

राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर कार्रवाई का आधार वर्ष 2007 में जारी आदेश को बनाया गया है. पूर्व कार्मिक सचिव मुख्तयार सिंह ने वर्ष 2007 में एक आदेश जारी किया था, इसी को आधार बनाते हुए तीन अफसरों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.

भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव में भी है यह शामिल

भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव में भी इस मसले को शामिल किया गया है. शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की हुई बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है, कि धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए. साथ ही आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले गैर आदिवासियों की संपत्ति(भूमि) जब्त होनी चाहिए. इसमें अधिकांश विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने भी इसका समर्थन किया है.

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