न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बीएड काउंसिलिंग में 4165 सीटों पर हुआ नामांकन, बरकरार है इडब्ल्यूएस कोटा का मसला

279

Ranchi: बीएड की 13,600 सीटों के लिए चल रही फिजिकल काउंसिलिंग के पांचवें दिन 4,165 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन किया गया. इसमें सामान्य श्रेणी के कोटे में 3192, बीसी वन श्रेणी में 232, बीसी टू श्रेणी में 178, एससी श्रेणी में 169, एसटी श्रेणी में 394 उम्मीदवारों का चयन हुआ. अभी 9435 सीटें 135 बीएड कॉलेजों में बची हुई हैं. नामांकन के लिए 15 जुलाई से काउंसिलिंग की प्रक्रिया चल रही है.

इसे भी पढ़ें – बिना नक्शे के जीईएल चर्च कॉम्प्लेक्स में हो रहा निर्माण, निगम की इंफोर्समेंट टीम ने रुकवाया काम

कई तकनीकी समस्याएं

काउंसलिंग कमेटी के अनुसार फिजिकल काउंसिलिंग में कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. इसमें सबसे बड़ी समस्या इडब्ल्यूएस कोटा निर्धारण को लेकर हो रही है. इसके निराकरण के लिए विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन काउंसिलिंग के पांचवें दिन भी इस पर किसी तरह का जवाब विभाग की ओर से नहीं आया है.

इसे भी पढ़ें – सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर ब्रदर ने खरीदी 4.23 एकड़ जमीन, खरीदी 2.6 लाख में, बेची 4.72 करोड़ में

मेरिट रैंक हो गया गौण

SMILE

काउंसिलिंग में शामिल होने आये विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा लेनेवाली एजेंसी झारखंड कंबाइंड ने उम्मीदवारों को उनकी कैटेगरी के अनुसार मेरिट रैंक दिया था, जबकि काउंसिलिंग में इसको गौण कर दिया गया है. उम्मीदवारों को कॉलेज अलॉटमेंट कॉमन मेरिट रैंक के आधार पर किया जा रहा है. विद्यार्थियों का कहना है कि जब कॉमन मेरिट रैंक से ही काउंसिलिंग करनी थी तो, कैटेगरी रैंक देने का क्या मतलब है. छात्र जब इस परेशानी को लेकर काउंसिलिंग कमेटी के पास जा रहे हैं, तो वहां अधिकारियों का कहना है कि हमें जो दिशा-निर्देश मिला है उसी के अनुसार काउंसिलिंग की जा रही है.

स्कॉलरशिप पर संकट

काउंसिलिंग में सीट अलॉटमेंट कॉमन मेरिट रैंक के आधार पर दिया जा रहा है, ऐसे में कई निजी कॉलेज छात्रों को कैटेगरी (एससी, एसटी व ओबीसी) के तहत नामांकन नहीं दे रहे हैं. गौर करनेवाली बात है कि बीएड संस्थानों में कैटेगरी के छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है. ऐसे में कैटेगरी के तहत नामांकन नहीं होने की स्थिति में उन्हें विभाग की ओर से मिलनेवाले स्कॉलरशिप से वंचित रहना पड़ जायेगा.

इसे भी पढ़ें – बीजेपी मंत्री-सांसद विवाद : मार्केट निर्माण के निरीक्षण में गये थे डिप्टी मेयर, टारगेट बने मंत्री सीपी सिंह

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: