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सदर हॉस्पिटल में कंगारु मदर केयर यूनिट का नहीं हो रहा इस्तेमाल

लाखों रुपए के अत्‍याधुनिक शय्या पड़ा रहता है खाली

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Ranchi: सदर अस्पताल के कंगारु मदर केयर यूनिट का इस्तेमाल उस ढंग से नहीं किया जा रहा है, जिसके लिए इसकी शुरुआत की गयी थी. इस यूनिट में मरीजों को रखा ही नहीं जा रहा है. जबकि, यूनिट का निर्माण मां और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए किया गया था. शिशु मृत्यु दर को और कम करने के साथ स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए इस यूनिट की स्थापना की गयी थी. कंगारू मदर केयर यूनिट में लाखों रुपये खर्च कर आधुनिक शय्या, एसी से सुसज्जित ब्रेस्ट फिडिंग के लिए बेड तैयार किये गये हैं. लेकिन, इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है. मातायें अपने बच्चों की देखभाल कैसे करें इसकी जानकारी देना इस यूनिट का मकसद था. लेकिन, यह मकसद भी पूरा नहीं होता दिख रहा. सदर अस्पताल के मदर केयर यूनिट विभाग में एक सिस्टर तो है, लेकिन उस सिस्टर को भी मदर केयर यूनिट की पूरी जानकारी नहीं है. यूनिट में मौजूद सिस्टर ने बताया कि माताओं को एक घंटे के लिए वार्ड में रखा जाता है. इसके बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाता है.

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ज्यादातर समय खाली ही रहता है कंगारु मदर केयर यूनिट

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राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए 25 जुलाई को कंगारु मदर केयर का शुभारंभ किया गया था. स्वास्‍थ्‍य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने इस यूनिट का उद्घाटन किया था. लेकिन इस यूनिट में बच्चों की देखभाल तो दूर की बात, यहां मां और नवजात को रखा भी नहीं जा रहा. इस यूनिट में 06 बेड हैं, लेकिन ज्यादातर समय ये सभी बेड खाली ही रहते हैं.

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नार्मल डिलीवरी वाली माताओं को रखना अनिवार्य

मदर केयर यूनिट में वैसी माताओं को रखना अनिवार्य है जिनकी डिलीवरी सामान्य रुप से होती है. इन्हें इस यूनिट में बच्चों का केअर कैसे किया जाये इसकी जानकारी दी जाती है. बच्चे को गर्माहट से लेकर उसकी फीडिंग, समय से पूर्व जन्मे बच्चे, कम वजन वाले बच्चे एवं संक्रमित बच्चों की देखभाल कैसे की जाये इसकी भी जानकारी दी जानी चाहिये, जिससे कि‍ शिशु मृत्यु दर में कमी आये, साथ ही स्तनपान को भी बढावा मिले. वहीं ऑपरेशन द्वारा हुए डिलीवरी वाली मां और शिशु को एक सप्ताह के लिए डॉक्‍टर की देखरेख में रखा जाता है. इसलिए उन्हें इस यूनिट में रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

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