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गठबंधन में नहीं कोई पेंच, सीट बंटवारे पर भी जल्द होगा निर्णयः आरपीएन सिंह

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  • किसानों के हित और बेरोजगारों की अनदेखी पर गठबंधन झारखंड में लड़ेगी चुनाव- कांग्रेस झारखंड प्रभारी
  • राहुल पर रिलांयस के आरोपों पर राज्य प्रभारी ने रिलांयस समूह को राफेल डील के दस्तावेज दिखाने की दी चुनौती

Giridih: झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने एकबार फिर साफतौर पर कहा कि राज्य में गठबंधन में किसी तरह का कोई पेंच नहीं है. बुधवार को गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ किया कि लोस चुनाव को लेकर राज्य में गठबंधन हो चुका है. और सीट बंटवारे का भी फार्मूला तैयार किया जा रहा है, जिस पर निर्णय जल्द हो जायेगा. कांग्रेस प्रभारी मंगलवार की देर शाम ही देवघर जाने के क्रम में गिरिडीह पहुंचे थे. जहां पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया. वहीं बुधवार की सुबह देवघर जाने से पहले पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया.

बाबूलाल नहीं हैं नाराज-कांग्रेस

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इस दौरान गोड्डा सीट को लेकर बाबूलाल की नाराजगी पक किए गए सवाल पर आरपीएन सिंह ने कहा कि सीट बंटवारे के मुद्दें पर गठबंधन में झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल में किसी भी तरह की नाराजगी नहीं है.

वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा अजय कुमार से झाविमो सुप्रीमो की मुलाकात को औपाचारिक बताया. लेकिन इस दौरान क्या बातें हुई और क्या निष्कर्ष निकला. इसका खुलासा करने से इनकार करते हुए राज्य प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस की स्ट्रेटजी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है. साथ ही कहा कि सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन में शामिल हर दल खुश है.

लिहाजा, आम चुनाव को लेकर हुए महागठबंधन में कौन दल कितने सीटें पर चुनाव लड़ेगा. एक बार फिर इस पर पूर्व की तरह संस्पेंस बना हुआ है. वैसे राज्य प्रभारी ने इशारों-इशारों में कहा कि जिन सीटों को लेकर उलझन है, उसे जल्द सुलझाकर मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

वैसे झाविमो सुप्रीमो से मुलाकात पर प्रदेश अध्यक्ष ने भी पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि लोस चुनाव के बाद विस चुनाव में राज्य के क्षेत्रिए दलों को उनके अधिकार के अनुसार सीट दिया जाएगा. यह तय है. ऐसे में लोस चुनाव में बने गठबंधन में अब किसी दल को तकरार रखने की जरुरत नहीं है.

बीजेपी पर निशाना

बातचीत के दौरान झारखंड प्रभारी ने भाजपा पर सिर्फ पीएम मोदी की सोच को जिंदा रखने का आरोप लगाते हुए राफेल डील के मुदृदे पर घेरते हुए कहा कि 30 हजार करोड़ अंबानी परिवार को देने का क्या औचित्य था? हालांकि रिलायंस समूह द्वारा राहुल गांधी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने अंबानी समूह को दस्तावेज दिखाने की चुनौती देते हुए कहा कि 30 हजार करोड़ के राफेल डील के दस्तावेज रिलायंस क्यों नहीं दिखा रही है?

इस दौरान आरपीएन सिंह ने यूपी में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की बात कही. क्योंकि यूपी की कमान अब कांग्रेस अध्यक्ष की बहन प्रियंका गांधी और युवा नेता ज्योतिरादित्य सिधियां संभाल रहे हैं. उन तमाम सीटों पर बेहतर प्रदर्शन का प्रयास प्रियंका और ज्योतिरादित्य ने शुरु कर दिया है.

पत्रकारों से बातचीत के क्रम में ही राज्य प्रभारी ने कहा कि जिस राज्य में किसान हित को अनदेखी किया जा रहा है और बेरोजगारों को उनकी दशा में छोड़ दिया गया है, उस राज्य के सीएम का शासन कितना बेहतर हो सकता है? यह बताने की जरुरत नहीं है. गठबंधन में शामिल दलों का साथ मिलकर चुनाव लड़ने का मकसद भी यही है.

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