Jharkhand

देश में बने 59 टेक्सटाइल पार्क, झारखंड से कोई प्रस्ताव ही नहीं गया

Ranchi : भारत सरकार के स्कीम फॉर इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क (एसआइटीपी) के तहत देश में 59 टेक्सटाइल पार्क विभिन्न राज्यों में स्थापित हो चुके हैं. लेकिन पर्याप्त संभावनाओं व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त प्रोत्साहन दिये जाने के बावजूद झारखंड में अबतक एक भी टेक्सटाइल पार्क स्थापित नहीं हो सका है.

दरअसल, झारखंड राज्य में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय को अब तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए वस्‍त्र मंत्री श्रीमती स्‍मृति ज़ूबिन इरानी ने यह जानकारी दी.

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40 प्रतिशत मिलता है अनुदान 

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श्रीमती इरानी ने सदन को बताया कि सरकार एसआइटीपी का क्रियान्‍वयन कर रही है जो वस्‍त्र इकाइयों की स्‍थापना के लिए विश्‍व-स्‍तरीय अवसंरचना सुविधाओं के सृजन हेतु सहायता उपलब्‍ध कराती है.

भारत सरकार इस योजना में प्रत्‍येक पार्क के लिए 40 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा के तहत परियोजना लागत का अधिकतम 40% अनुदान उपलब्‍ध कराती है.

झारखंड को शामिल किया गया था पर नहीं आया प्रस्ताव 

यह योजना एक मांग आधारित योजना है. झारखंड सहित देश के सभी राज्‍यों को एसआइटीपी के अंतर्गत शामिल किया गया है. लेकिन  झारखंड राज्‍य में वस्‍त्र पार्क की स्‍थापना करने के लिए वस्‍त्र मंत्रालय में कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है.

उन्होंने बताया कि अबतक आंध्र प्रदेश में छः, आसाम में एक, गुजरात में 14, हरियाणा में एक, हिमाचल प्रदेश में एक, जम्मू-कश्मीर में 2, कर्णाटक में 2, महाराष्‍ट्र में 13, पंजाब में 3, राजस्थान में 3, तमिलनाडु में 8, तेलंगाना में एक, उत्तर प्रदेश में 2 और पश्चिम बंगाल में 2 टेक्सटाइल पार्क की स्थापना हुई है.

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शीघ्र होगा बीएसएनएल और एमटीएनएल का पुनरुद्धार

सांसद पोद्दार के एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए संचार, विधि और न्याय, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीएसएनएल और एमटीएनएल का पुनरुद्धार शीघ्र होगा और जल्दी ही ये दोनों संस्थान बाज़ार की प्रतिस्पर्धा का सामना करने की क्षमता हासिल कर लेंगे.

प्रसाद ने कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड दूरसंचार बाज़ार में कड़ी प्रतिस्पर्धा, अत्यधिक स्टाफ लागत और 4 जी सेवाओं की कमी (बीएसएनएल हेतु कुछ स्थानों में छोड़कर) के कारण दबाव का सामना कर रहे हैं.

आइआइएम की ली जा रही सेवा 

बीएसएनएल और एमटीएनएल की पुनरुद्धार/पुनर्गठन योजना तैयार करने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद और मेसर्स डिलॉईट की सेवायें ली गयीं थीं. इनकी सिफारिशों और सम्बद्ध बोर्डों के अनुमोदन के अनुसरण में बीएसएनएल और एमटीएनएल की व्यापक पुनरुद्धार योजना तैयार की जा रही है.

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