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त्रिपुरा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लागू करने की कोई योजना नहीं  : राजनाथ सिंह

असम की तर्ज पर त्रिपुरा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की कोई योजना नहीं है. केंद्र सरकार ने यह बात शुक्रवार को स्पष्ट कर दी.

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NewDelhi : असम की तर्ज पर त्रिपुरा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की कोई योजना नहीं है. केंद्र सरकार ने यह बात शुक्रवार को स्पष्ट कर दी. बता दें कि त्रिपुरा में भी एनआरसी लागू किये जाने की मांग को लेकर गुरुवार को इंडिजिनस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ त्रिपुरा (आईएनपीटी) के अध्यक्ष बिजॉय कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला था. कयास लगाये जा रहे थे कि त्रिपुरा में भी  एनआरसी लागू हो सकता है, लेकिन शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि त्रिपुरा में एनआरसी लागू करने को लेकर आईएनपीटी को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया है.

गृह मंत्रालय के अनुसार त्रिपुरा में एनआरसी लागू करने को लेकर फैलाई जा रही सूचना आधारहीन है.   जान लें कि अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए असम में एनआरसी लागू किया गया था. लगभग 40 लाख लोग एनआरसी से बाहर कर दिये गये. इसे लेकर राजनीतिक घमासान मच गया.  पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत दूसरे विपक्षी दलों ने  विरोध पर उतर आये.

एनआरसी में नहीं छूटेगा कोई भी  भारतीय : राम माधव

भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि कोई भी देश अवैध घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता. साथ ही कहा कि असम में चल रही एनआरसी की कवायद में कोई भी  भारतीय नागरिक पीड़ित नहीं होगा.  यहां आयेाजित एक कार्यक्रम में राम माधव ने कहा, असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर कोई विवाद नहीं है. इसे  प्रक्रिया को शांतिपूर्वक निपटाया जा रहा है.  इस पर सुप्रीम कोर्ट नियमित रूप से नजर रख रहा है.  कहा कि पूरी तरह सांविधानिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है.

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 भारत साबित करे, उत्तर-पूर्वी राज्यों में अवैध घुसपैठिए बांग्लादेशी :  बांग्लादेश

भारत को साबित करना होगा कि उत्तर-पूर्वी राज्यों में मौजूद अवैध घुसपैठिए बांग्लादेशी हैं.  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के विशेष सलाहकार इतिहासकार गौहर रिजवी ने यह बात कोलकाता में शुक्रवार को कही. बता दें कि असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उत्तर-पूर्व के कई राज्यों ने एनआरसी लागू करने की मांग की है. यहां एक कार्यक्रम में रिजवी ने कहा, जिनके नाम एनआरसी सूची में नहीं हैं, वे भारतीय नागरिक हैं. भारत  साबित करे कि वे भारतीय नहीं बांग्लादेशी हैं. इस क्रम में   रिजवी रोहिंग्याओं की समस्या पर भी बोले. कहा कि हमें उत्तर-पूर्वी भारत में रोहिंग्याओं और अवैध प्रवासियों के बीच अंतर करना होगा.

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