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पीएम मोदी के रहते कोई देश की खनिज संपदा लूट नहीं सकताः बाबूलाल मरांडी

Ranchi: भारत सरकार ने कोल ब्लॉक खनन की नीलामी का फैसला एक ऐतिहासिक निर्णय है. जिससे झारखंड प्रदेश को काफी फायदा होगा. लेकिन हेमंत सरकार स्वागत करने के बजाय विरोध में सुप्रीम कोर्ट जा रही है यह बात समझ से परे है. इन बातों को भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी मीडिया के सामने रख रहे थे.

श्री मरांडी ने कहा कि देश और राज्य की जनता को मार्च 2012 में जारी सीएजी रिपोर्ट की बात याद है. 2004 से 2009 के बीच यूपीए-1 की सरकार में कोल् ब्लॉक को लूटा गया. देश को याद है सीएजी की वह टिप्पणी जिसमें कहा गया था कि कोल ब्लॉक की नीलामी नहीं होने से देश को 1लाख 80 हजार करोड़ का नुकसान हुआ.

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श्री मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि सबको पता है कि भारत सरकार के तत्कालीन कोयला मंत्री कौन थे. और कैसे उनके विभागीय सचिव श्री पारिख ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि कोयला मंत्रालय का संचालन माफिया लोग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि देश को पता है कि तत्कालीन कोयला सचिव ने मौखिक तौर पर दिये गये गलत आदेश का पालन नहीं किया तो कैसे उन्हें हटाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गये. ये बातें कोई मनगढ़ंत नहीं हैं बल्कि रिकॉर्ड में दर्ज हैं.

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झारखंड को होगा फायदा

आगे बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश में कोयले का अकूत भंडार है. भारत इस क्षेत्र में चौथा स्थान रखता है. लेकिन हम विश्व के दूसरे सबसे बड़े कोयला आयातक देश भी हैं. जिसमें बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार की खपत होती है. भारत सरकार उत्पादन बढ़ा कर आयात को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. और इससे झारखंड को बड़ा फायदा होगा.

उन्होंने राज्य सरकार के फैसले को बचकाना बताते हुए कहा कि भूमि, विस्थापन, पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण यह राज्य सरकार का विषय है. कहा कि राज्य सरकार विस्थापन पुनर्वास की नीति लेकर आये. खदान के लिए ली गयी जमीन के बदले के जमीन देने की नीति बनाये. नीलामी से राज्य को प्राप्त राशि में रैयतों के लिए 85 प्रतिशत  राशि आरक्षित कर दे. पर्यावरण की नीति बनाये. इन सभी काम में भारतीय जनता पार्टी सदन के अंदर और बाहर सरकार का साथ देगी. उन्होंने कहा कि लेकिन लगता नहीं है कि सरकार की नीयत साफ है. झारखंड सरकार करना क्या चाहती है समझ के परे है. आगे उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुला कर मामला सुलझाना चाहती है तो उनकी पार्टी सरकार के साथ है.

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