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जमशेदपुर एयरपोर्ट के विस्तार अथवा स्थानान्तरण का कोई अंतिम निर्णय अबतक नहीं

राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर मंत्री सुरेश प्रभु ने दी जानकारी

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Ranchi: भारत सरकार ने अबतक अंतिम रूप से जमशेदपुर एयरपोर्ट के विस्तार अथवा स्थानान्तरण से सम्बंधित कोई निर्णय नहीं लिया है. हालांकि, जमशेदपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर चाकुलिया में मौजूद नॉन ऑपरेशनल एयरपोर्ट को चालू करने से सम्बंधित प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट अवश्य तैयार की गयी है. साथ ही, नागरिक विमानन मंत्रालय ने 11 जुलाई 2012 में ही टाटा स्टील लिमिटेड को जमशेदपुर के समीप पब्लिक यूज़ के लिए एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने का साईट क्लीयरेंस दिया है लेकिन आवेदक एजेंसी द्वारा अग्रेतर प्रयास के अभाव में इस प्रस्ताव पर भी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के तारांकित प्रश्न का लिखित उत्तर उपलब्ध कराते हुए नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने यह जानकारी दी है. राज्यसभा में हंगामे और लगातार कार्यवाही स्थगित होने के कारण सांसद पोद्दार को इस विषय पर पूरक प्रश्न पूछने का अवसर नहीं मिल सका.

क्या प्रश्न पूछा था सांसद महेश पोद्दार ने

श्री पोद्दार ने जानना चाहा था कि क्या जमशेदपुर में नया एयरपोर्ट शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर चाकुलिया में बन रहा है? क्या इस उद्देश्य के लिए तकनीकी/व्यावसायिक रिपोर्ट तैयार की गयी है और इस रिपोर्ट से क्या फीडबैक मिला है? क्या वर्तमान एयरपोर्ट के समीप उपलब्ध जमीन लेकर इसका विस्तारीकरण संभव है और यदि संभव है तो शहर से 70 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट बनाने की जगह क्या सरकार वर्तमान एयरपोर्ट को ही विस्तारित करना चाहेगी?

नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु का जवाब

उत्तर देते हुए नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि चाकुलिया में पहले से ही एक एयरपोर्ट मौजूद है जो फ़िलहाल नॉन ऑपरेशनल है. इस एयरपोर्ट को ऑपरेशनल बनाने के लिए प्री फिजिबिलिटी अध्ययन कराया गया है. प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आधारभूत संरचना एवं अतिरिक्त भूमि संबंधी जरूरतें पूरी कर इस एयरपोर्ट को एटीआर 72 – 500 जैसे केटेगरी 3 सी एयरक्राफ्ट की उड़ान के लिए ऑपरेशनल किया जा सकता है. सुरेश प्रभु ने यह भी बताया कि नागरिक विमानन मंत्रालय ने टाटा स्टील लिमिटेड को पब्लिक यूज़ के लिए जमशेदपुर के समीप एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की स्थापना के लिए 11 जुलाई 2012 को ही साईट क्लीयरेंस दिया है. हालांकि, इस परियोजना का प्रस्ताव देनेवाली एजेंसी ने अग्रेतर कार्रवाई अथवा सैद्धांतिक सहमति प्राप्त करने के लिए सरकार को कोई प्रस्ताव नहीं दिया है.

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