न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का हालः प्रशिक्षण के बाद ना मिला रोजगार, ना ही प्रमाण पत्र

eidbanner
1,813

Manoj Dev Dutt

Latehar: भारत सरकार ने देश के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए कौशल विकास मंत्रालय का गठन तो कर रखा है. लेकिन ज़मीन हकीकत तो यह है कि युवाओ को कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद ना तो उन्हें रोजगार ही मिल रहा है और ना हीं प्रशिक्षण के उपरांत संस्था युवाओं को प्रमाण पत्र दे रही है. इस परिस्तिथि में युवाओं का समय और सरकार का रुपया एवं उद्देश्य सब जाया हो रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंःNHRC ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र कहा-IAS सुनील कुमार ने नहीं जमा करायी मुआवजे की राशि, जमा कर सूचित…

कौशल केंद्र का हाल बेहाल

गुमला जिला के बिसुनपुर में विकास भारती बिसुनपुर संस्था के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल केंद्र का संचालन किया जा रहा है. इस केंद्र में ट्रेनिंग लेनेवाले लातेहार के दो युवकों ने उसकी हकीकत बयां की. लातेहार के गारू प्रखंड के पहारकोचा ग्राम के दो युवक अमित सिंह एवं पंकज सिंह ने बताया कि एक साल पहले प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी उन्हें हुई. जिसके बाद रोजगार पाने के उद्देश्य से दोनों विकास भारती बिसुनपुर संस्था गये और छह माह आईटी की ट्रेनिंग ली. शुरूआत में बोला गया था कि ट्रेनिंग के उपरान्त रोजगार मिलेगा. लेकिन रोजगार नहीं मिला. यहां तक की संस्था ने प्रमाण पत्र भी ओरिजनल नहीं दिया. कंप्यूटर से ऑनलाइन प्रिंट कर सर्टिफिकेट दिया गया. जबकि संस्था को प्रशिक्षण प्राप्त युवक को राष्ट्रीय कौशल विकास का प्रमाण पत्र देना था. वर्तमान में दोनों युवा गांव में बेरोजगारी की जिंदगी काटने को मजबूर है.

इसे भी पढ़ेंःअग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड : लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड ने बोकारो में किया सरेंडर

कौशल विकास का उद्देश्य व नियम

योजना के संबंध में जिला कौशल समन्वयक निशांत प्रासार ने बताया कि कौशल विकास योजना के तहत वैसे युवक युवतियों को तलाशना है जो कि किसी कारणवश ड्रॉप आउट हैं. या फिर शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में हैं. वेसे बलिग युवक-युवती को प्रेरित कर कौशल विकास केंद्र तक लाना है. और निर्धारित समय तक उन्हें ट्रेनिंग देनी है. वही प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्रमाण पत्र देना है, साथ ही साथ उन्हें रोजगार के लिए नियोजित कर संस्था को उनका प्लेसमेंट भी करना है. यदि कोई युवक रोजगार में नहीं जाना चाहता है या नहीं करना चाहता है तो उसे स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है. साथ ही साथ संस्था कि यह भी जिम्मेवारी है कि युवकों की समय-समय पर ट्रैकिंग करते रहें.

छूटे हुए युवकों को ट्रैक किया जा रहा है- अशोक भगत

मामले पर विकास भारती बिसुनपुर गुमला के अध्यक्ष अशोक भगत ने बताया कि संस्था बेखबर नहीं है. ट्रेनिंग लिये युवाओं को ट्रैक किया जा रहा है. यह भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना है. संस्था का पूरा प्रयास है कि योजना धरातल पर उतरे और युवाओं का कौशल विकास हो एवं युवाओ को रोजगार मुहया हो.

इसे भी पढ़ेंःमसूद अजहर पर वीटो :  19 मार्च को व्यापारी देश भर में चीनी सामान की होली जलायेंगे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: