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RU के नये कैंपस में नहीं हो रहा कोई निर्माण, पुराने कैंपस में ही बन रहे नये विभाग

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Ranchi : रांची विश्वविद्यालय (आरयू) को अपना कैंपस बनाने के लिए राज्य सरकार ने कांके स्थित चेरी मनातू में 87 एकड़ जमीन दी है. सरकार द्वारा आरयू को शिफ्टिंग के उद्देश्य  से जमीन प्रदान की गयी, लेकिन आरयू फिलहाल नये कैंपस में शिफ्टिंग को लेकर उत्साहित नहीं दिख रहा है. कैंपस की जमीन मिलने के दो साल बाद भी अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है. इसके कारण इस जमीन पर कोई भी निर्माण विश्वविद्यालय की ओर से नहीं किया जा रहा है. वहीं, आरयू के पुराने कैंपस में नये निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. लॉ एवं होटल मैनेजमेंट कोर्स के लिए आरयू ने हाल में ही करोड़ों रुपये की लागत से नये भवनों को निर्माण कराया है. नये भवनों का पुराने कैंपस में निर्माण करना यह संकेत दे रहा है कि आरयू कांके स्थित चेरी मनातू कैंपस में शिफ्टिंग के मूड में नहीं है.

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22 विभाग और हॉस्टल बनाने थे नये कैंपस में

कांके के चेरी मनातू में 87 एकड़ जमीन पर आरयू के 22 विभागों का भवन निर्माण करना था, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय इन विभागों को पुराने कैंपस में चला रहा है और इन विभागों की नये कैंपस में शिफ्टिंग के लिए कोई पहल आरयू प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही है. 22 विभागों के साथ ही छात्रों एवं शिक्षकों के रहने की व्यवस्था के उद्देश्य से इसी कैंपस में आवास एवं हॉस्टल बनाये जाने थे, लेकिन फिलहाल आरयू पुरानी व्यवस्था पर ही चलना चाहता है.

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शहीद चौक स्थित आरयू की जमीन पर रहेगा विश्वविद्यालय का कब्जा

आरयू का प्रशासनिक भवन अभी रांची के शहीद चौक के पास है. जिस जमीन पर यह प्रशासनिक भवन है, वह जमीन आरयू के नये कैंपस में शिफ्ट हो जाने के बाद किसकी होगी, इसपर काफी चर्चा होती है. खबरों के अनुसार, शहीद चौक स्थित जमीन काफी महंगी है, इस पर भू-माफियाओं की नजर है और इसके हस्तांतरण के लिए कई तरह की योजनाएं बनायी जा रही थीं. इन सभी अटकलों पर आरयू ने इनकार करते हुए कहा कि सीनेट एवं सिंडिकेट से पारित होते ही शिफ्टिंग के बाद भी यह जमीन आरयू के अधीन रहेगी एवं भविष्य में आरयू के सिटी ऑफिस के रूप में स्थापति रहेगा.

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शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है, नये निर्माण पुरानी योजना का हिस्सा हैं : आरयू

आरयू के सीसीटीडीसी डॉ लाल गिरिजा शंकर शाहदेव ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस शिफ्टिंग पर फिलहाल कोई कार्य नहीं चल रहा है, लेकिन जल्द ही इस दिशा में विश्वविद्यालय की ओर से पहल की जायेगी. पुराने कैंपस में जो नये निर्माण हाल के दिनों में हुए हैं, दरसल वे पुरानी योजना का हिस्सा हैं. विश्वविद्यालय की कोई भी जमीन आरयू न तो सरकार और न किसी संस्थान को हस्तांतरित करेगा. पुराने कैंपस एवं जमीन पर आरयू नये कोर्स शुरू करेगी.

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