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50 दिनों से किसी भी कमर्शियल गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं हुआ जारी

सरकार ने वाहन-4 सॉफ्टवेयर में नहीं किया परिवर्तन, हो रही परेशानी, एक नवंबर 2018 से रांची में खोला गया है स्वचालित टेस्टिंग सेंटर

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Deepak

Ranchi: झारखंड सरकार की ओर से वाहनों के कंप्यूटरकृत फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की अधिसूचना कागजों पर ही सीमित है. पिछले 50 दिनों से किसी भी मालवाहक वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है. एक नवंबर से प्रमाण पत्र जारी करने का काम शुरु हुआ था. लेकिन पहले इसमें एमवीआइ का साइन होना अनिवार्य था. वही परिवहन आयुक्त की तरफ से ओरमांझी में स्थापित टीयूभी-एसयूडी साउथ एशिया सेंटर को ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 14 दिसंबर को अधिकृत किया गया था. लेकिन इसके लिए सरकार की तरफ से वाहन-4 सॉफ्टवेयर में तब्दीली नहीं की गयी और न ही टेस्टिंग सेंटर के लिए अतिरिक्त यूजर आइडी बनायी गयी.

इससे व्यावसायिक वाहनों को प्रमाण पत्र निर्गत करने में कठिनाईयां आ रही हैं. इतना ही नहीं, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के आइडी को भी नहीं हटाया गया है. पिछले डेढ़ महीने में सेंटर में 45 सौ से अधिक वाहनों का बैकलॉग यहां हो गया है, जिसके लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करना है. फिटनेस सेंटर के निदेशक सुनील बख्शी ने कहा कि सरकार की नयी अधिसूचना हमें सोमवार 18 दिसंबर को मिली है.

अब सेंटर के द्वारा ही सर्टिफिकेट जारी किए जायेंगे. इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. फिटनेस सर्टिफिकेट में एमवीआइ का प्रति हस्ताक्षर (काउंटर साइन) अब नहीं रहेगा. ऑनलाइन जारी होनेवाले सर्टिफिकेट की मान्यता पूरे देश में रहेगी.

चेंबर और बस ऑनर्स एसोसिएशन ने किया था आंदोलन

फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और झारखंड बस ऑनर्स एसोसिएशन की तरफ से फिटनेस सर्टिफिकेट प्रमाण पत्र में एमवीआइ के प्रति हस्ताक्षर को समाप्त करने के लिए परिवहन आयुक्त कार्यालय के पास धरना दिया गया था. इसके बाद कई दौर की वार्ता सरकार और दोनों संगठनों के बीच हुई थी. बस ऑनर्स एसोसिएशन के अरुण बुधिया ने राज्य भर में इस तरह के केंद्र की स्थापना करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि 28 दिसंबर 2016 को केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में ऑनलाइन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था. इसका अनुपालन झारखंड में काफी धीमी गति से हो रहा है.

रोजाना 100 छोटे और 50 बड़े वाहनों की हो सकती है टेस्टिंग

टीयूवी-एसयूडी साउथ एशिया टेस्टिंग सेंटर में प्रति दिन 100 छोटे व्यावसायिक वाहन और 50 बड़े वाहनों की जांच हो सकती है. केंद्र में दो यूनिट स्थापित किये गये हैं. छोटे वाहन (मालवाहक टेंपो, छोटा हाथी समेत अन्य) की टेस्टिंग पांच मिनट में हुई थी. जबकि बड़े व्यावसायिक वाहन (ट्रक, बस, डंफर, ट्रेलर) की जांच में 10-10 मिनट का समय लगता है.

एक घंटे में छह से सात वाहनों की जांच केंद्र में होती है. बड़े वाहनों की जांच में 1416 रुपये का शुल्क ई-ग्रॉस सॉफ्टवेयर के जरिए लिया जा रहा है, जबकि छोटे वाहनों के लिए जांच शुल्क एक हजार रुपये लिए जा रहे हैं. केंद्र की शुरुआत एक नवंबर से की गयी है. इसकी वार्षिक क्षमता 38 हजार है.

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