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नितिन गडकरी ने #AutoIndustry को आश्वस्त किया, पेट्रोल, डीजल से चलने वाले वाहन बंद नहीं होंगे  

NewDelhi : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन देश में प्रतिबंधित नहीं किये जायेंगे.  मोदी सरकार का इरादा पेट्रोल और डीजल वाहनों के उत्पादन पर पाबंदी लगाने का नहीं है और न हम मौजूदा पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर रोक लगाना चाहते हैं. नितिन गडकरी  ऑटो इंडस्ट्री बॉडी सियाम के 59वें वार्षिक सम्मेलन में अपने विचार रख रहे थे.

जीएसटी कुछ समय के लिए भी कम किया गया तो  मदद मिलेगी

नितिन गडकरी ने बताया कि उनका मंत्रालय कॉमर्शियल वाहनों की डिमांड बढ़ाने के लिए अगले 3 महीने में 5 लाख करोड़ रुपये तक की 68 सड़क परियोजनाएं शुरू करेगा. गडकरी ने कहा, यह ऑटो इंडस्‍ट्री की मांग है कि पेट्रोल एवं डीजल वाहनों पर टैक्‍स कम होना चाहिए. आपके सुझाव अच्छे हैं. मैं आपका संदेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंचा दूंगा.

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उन्होंने कहा कि अगर जीएसटी कुछ समय के लिए भी कम किया गया तो इससे मदद मिलेगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘मैं यह बात वित्त मंत्री के समक्ष रखूंगा. बिक्री बढ़ाने के लिए वाहन क्षेत्र को मदद की जरूरत है. गडकरी ने कहा कि जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी किया गया.

गडकरी ने ऐसे समय में यह बात कही. जब इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से रुख करने  को लेकर ऑटो इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां है. गडकरी ने कहा कि लोग आईसीई गाड़ियां खरीदने से कतरा रहे हैं. इसे लेकर गडकरी ने आश्वस्त किया कि  हम ऐसा कोई कदम नहीं उठा रहे हैं.

जान लें कि ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने गडकरी को बीएस VI इंधन के अनुकूल इंजन बनाये जाने के कारण वाहनों की कीमतें बढ़ने की जानकारी दी. एक्सपर्ट्स की बात पर  गडकरी ने कहा कि वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बीएस IV से बीएस VI के अनुकूल इंजन की तरफ रुख करने के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च की जानकारी देंगे.   गडकरी ने उम्मीद जताई कि सरकार इसे लेकर जीएसटी में कटौती पर विचार कर सकती है.

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ऑटो इंडस्ट्री की मंदी खत्म करने की कोशिश की जा रही है

गडकरी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो इंडस्ट्री की मंदी खत्म करने की लगातार कोशिश कर रही हैं. . वित्त मंत्री ने 23 अगस्त को ऑटो इंडस्ट्री के हित में कई कदमों का ऐलान किया है.  इनमें ऑटो लोन को सस्ता करने, पुराने सरकारी वाहनों की जगह नये वाहनों की खरीद पर लगी पाबंदी हटाने, वन टाइम रजिस्ट्रेशन फी को जून 2020 तक टालने जैसे फैसले शामिल हैं.

केंद्रीय मंत्री ने ऑटो सेक्टर से जुड़ीं उन तीन बड़ी चुनौतियों कच्चे तेल का आयात, प्रदूषण और सड़क हादसे का जिक्र किया, जिनसे सरकार को दो-चार होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, हमें पता है कि कच्चे तेल का आयात हमारी अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर रहा है. कहा कि तेल आयात की राशि सात लाख करोड़ रुपये को पार कर चुकी है.

प्रदूषण हमारी दूसरी बड़ी चुनौती है जो पूरी दुनिया पर असर डाल रही है. साथ ही  हम सड़क हादसों की समस्या का समाधान चाहते हैं. देश में हर साल पांच लाख रोड ऐक्सिडेंट की घटनाएं होती हैं. कहा कि हमने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मोटर वीइकल्स ऐक्ट 2019  लागू किया है.

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