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निर्मला सीतारमण हुई कांग्रेस पर हमलावर, कहा, कैग को राफेल की कीमत बता दी है

संसदीय प्रणाली में कैग पहले इसे देखता है. इसके बाद ही यह रिपोर्ट संसदीय समिति के पास जाती है. संसदीय समिति द्वारा इसे देखने के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जा सकता है.

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NewDelhi : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल डील मामले में कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि हमने कैग को विमान की कीमत से जुड़ी हर जानकारी मुहैया करा दी है. दादर मुंबई में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि संसदीय प्रणाली में कैग पहले इसे देखता है और इसके बाद ही यह रिपोर्ट संसदीय समिति के पास जाती है. संसदीय समिति द्वारा इसे देखने के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जा सकता है. यह एक पूरी प्रक्रिया है जिसकी शुरुआत कर दी गयी है. सीतारमण ने कहा कि हमने कोर्ट को दिये अपने हलफनामे में सभी तरह के आंकड़ें और जानकारी दे दी है. हम कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि वह उसे एक बार फिर देखे. बता दें कि राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस के आरोपों के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है. भाजपा ने देश के 70 प्रमुख स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला लिया है.  राफेल डील को लेकर SC के फैसले के बाद एक बार फिर मोदी सरकार और कांग्रेस आमने सामने हैं. बता दें कि मोदी सरकार SC के जजमेंट को अपनी जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस, सरकार पर SC से तथ्य छुपाने और देश को गुमराह करने के आरोप लगा रही है. राफेल डील को लेकर सीएजी की रिपोर्ट को लेकर मामला गरमा गया है. कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है. शनिवार को एक बार फिर से कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि SC में गलत तथ्य देने के लिए सरकार जिम्मेदार है.

सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य देने के लिए सरकार जिम्मेदार

बता दें कि कपिल सिब्बल ने राफेल पर फैसला आने के बाद कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य देने के लिए जिम्मेदार है. कहा कि मुझे लगता है कि अटॉर्नी जनरल को पीएसी के सामने आना चाहिए और यह पूछा जाना जाहिए कि गलत तथ्य क्यों प्रस्तुत किये. यह गंभीर मामला है. उन्होंने कहा था कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि सुप्रीम कोर्ट एक उचित फोरम नहीं था जिस पर इन मुद्दों का फैसला किया जा सकता है.  सुप्रीम कोर्ट फाइलों की जांच नहीं कर सकता है और न ही गवाहों के शपथपत्र की जांच कर सकता है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री को बुलाकर पूछताछ भी नहीं कर सकता, जबकि हमें इस पर पीएम से सवाल करने की जरूरत है. बता दें कि शुक्रवार को राफेल पर फैसले के समय सीजेआई  रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि हमारे सामने पेश की गयी सामग्री दर्शाती है कि सरकार ने विमान के मूल दाम को छोड़कर मूल्य निर्धारण का ब्योरा संसद को भी नहीं दिया है,

इस आधार पर कि मूल्य निर्धारण विवरण की संवेदनशीलता से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होगी और दोनों देशों के बीच के समझौते का भी उल्लंघन होगा. पीठ ने कहा था कि हालांकि मूल्य निर्धारण ब्योरा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को दिया गया और कैग की रिपोर्ट पर लोक लेखा समिति (पीएसी) विचार भी कर चुकी है.

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