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#NirbhayaCase: दोषियों को मौत की सजा पर निर्भया के दादा ने कहा- देर ही सही, न्याय तो मिला

Ballia (Uttar Pradesh): निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड मामले के चारों दोषियों के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत द्वारा मौत का फरमान जारी किया गया है.

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इस फरामान के बाद निर्भया के दादा ने कहा कि इससे उन्हें और उनके परिवार को बहुत राहत मिली है. उन्होंने यह बात मंगलवार को यहां अपने पैतृक गांव में कही.

 

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देर ही सही परिवार को न्याय मिला

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने मंगलवार को चारों दोषियों मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता के खिलाफ मृत्यु वारंट जारी किया. गौरतलब है कि चारों को 22 जनवरी को फांसी दी जायेगी.

निर्भया के दोषियों के खिलाफ डेथ वॉरंट जारी हो चुका है. यही वो चार दोषी हैं जिन्हें फांसी की सजा दी गयी है. 22 दिसंबर की सुबह सात बजे सभी फांसी दे दी जायेगी. और इसी के साथ सात सालों से इंसाफ की गुहार लगा रहे निर्भया के परिवार को न्याय मिल जायेगा.

निर्भया के दादा ने बिहार सीमा से लगे अपने पैतृक गांव में कहा कि देर से ही सही, परिवार को न्याय मिला. उन्होंने न्यायपालिका को धन्यवाद देते हुए कहा कि अदालतों को पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग सात साल लगे और कोई भी यह नहीं कह सकता की उसे अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि इससे मेरे परिवार को बड़ी राहत मिली है.

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तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी की

तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी कर ली है. चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाने के लिए तिहाड़ जेल में करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक नया फांसी घर तैयार किया गया है.

तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने भी कहा था कि एक साथ अब चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी देने की व्यवस्था कर ली गयी है. अदालत के आदेश के बाद जेल स्तर पर फांसी देने में किसी तरह की देरी नहीं होगी.

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2012 की रात दक्षिणी दिल्ली में छह लोगों ने चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा पर बर्बर हमला करके उसके साथ गैंग रेप किया था. इसके बाद उन्होंने उसे सड़क पर फेंक दिया था.

निर्भया का परिवार कई सालों से न्याय की गुहार लगा रहा था. देश में निर्भया के आरोपियों के खिलाफ कई प्रदर्शन किये गये. उन्हें जल्द से जल्द सजा दिये जाने की मांग को लेकर लोग सड़क पर उतरे और कहां कि निर्भया के दोषियों की रिहाई मंजूर नहीं होगी. उन्हें सजा मिलनी चाहिए तभी निर्भया की आत्मा को भी शांति मिलेगी.

लड़की को गंभीर स्थिति में सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल ले जाया गया था, जहां 29 दिसंबर 2012 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी.

मामले के दोषियों में शामिल राम सिंह ने दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. मामले के दोषियों में एक नाबालिग भी था, जिसे तीन साल तक बाल सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया था. 

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