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#NirbhayaCase के आरोपियों का नया दांव, तिहाड़ जेल पर लगाया कागजात नहीं देने का आरोप

New Delhi: वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में मौत की सजा सुनाये गये चार मुजरिमों में से दो के वकील ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया है. वकील ने यह आरोप लगाते हुए कोर्ट में कहा है कि तिहाड़ जेल प्रशासन कुछ खास दस्तावेजों को सौंपने में देरी कर रहा है.

निर्भया के चारों दोषी फांसी के और करीब आ गये हैं. लेकिन फिर भी वो फांसी से बचने के लिए किसी भी तरह का मौका नहीं छोड़ रहे हैं. इसी क्रम में अब नया दांव अपनाते हुए आरोपियों ने तिहाड़ जेल पर कागजात देने में देरी करना का आरोप लगाया है. 

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क्या है आरोपियों का आरोप

वकील ए पी सिंह ने यह आरोप लगाते हुए अर्जी लगायी कि जेल प्रशासन ने अबतक दस्तावेज नहीं सौंपे हैं जिनकी अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन सिंह (25) के लिए सुधारात्मक याचिका दायर करने के लिए जरूरत है. इस अर्जी पर शनिवार को सुनवाई होने की संभावना है.

निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को डेथ वारंट जारी किया है. पहले इन्हें 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी लेकिन अब तारिख को बढ़ा दिया गया है और अब इन्हें एक फरवरी को फांसी दी जायेगी. डेथ वारंट जारी होने के बाद इनमें से दोषी पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर खुद को घटना के वक्त नाबालिग बताया था. पवन का कहना था कि उसे एक फरवरी को फांसी नहीं दी जाए क्योंकि वह उस वक्त नाबालिग था जब यह घटना घटी थी. हालांकि इस अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दो अन्य मुजरिमों विनय कुमार शर्मा (26) और मुकेश सिंह (32) की सुधारात्मक याचिका खारिज कर दी थी. चारों मुजरिमों को अदालत के आदेश के अनुसार एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर चढ़ाया जाना है.

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क्या है मामला

याद दिला दें कि 16 दिसंबर, 2012 को निर्भया अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर घर लौट रही थी. दोनों पश्चिम दिल्ली के पास एक प्राइवेट बस में सवार हुए. बस में 6 लोग मौजूद थे.

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जिन्होंने चलती बस में निर्भया से गैंगरेप किया और हैवानियत की हर हद को पार कर दिया. निर्भया ने अस्पताल में कई दिनों तक मौत से जंग लड़ी लेकिन 29 दिसंबर को वह जिंदगी की जंग हार गयी.

इस घटना में छह लोग शामिल थे. जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में एक आरोपी पहले ही नाबालिग होने की वजह से बरी हो चुका है. जबकि एक अन्य ने जेल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. अब चार आरोपियों को एक फरवरी को फांसी दी जानी है.

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