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निर्भया की मां ने कहा- लड़ती रहूंगी बेटी को न्याय दिलाने के लिए, दोषियों को 16 दिसंबर को ही दें फांसी

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New Delhi: दिल्ली में 2012 में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता निर्भया की मां ने कहा कि वह चाहती हैं कि दोषियों को 16 दिसंबर को ही फांसी दी जाये.

गौरतलब है कि 16-17 दिसंबर 2012 की दरमियानी रात दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में छह लोगों ने 23 वर्षीय छात्रा का सामूहिक दुष्कर्म किया था. उन्होंने बर्बरता के बाद उसे सड़क पर फेंक दिया था.

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दोषी की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को होगी सुनवाई 

निर्भया की मां ने मौत की सजा के खिलाफ चार दोषियों में से एक की पुनर्विचार याचिका का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कहा कि वह जब तक जीवित हैं तब तक अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेंगी. दोषी की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी.

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उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मुझसे मेरी बेटी को छीन लेने वाले दोषियो को फांसी दिलाने के लिए संघर्ष करती रहूंगी. मैं दोषियों को 16 दिसंबर से पहले फांसी पर लटकते हुए देखना चाहती हूं.

दिल्ली की एक अदालत 18 दिसंबर को दोषियों को फांसी की सजा देने पर अमल करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करेगी. बर्बर हमले की शिकार छात्रा को निर्भया नाम दिया गया था. उसने 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

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18 दिसंबर तक टली डेथ वारंट पर सुनवाई

दिल्ली के पटियाला हाउस में शुक्रवार को मामले पर सुनवाई होनी थी. और सुरक्षा कारणों से चारों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया.

मामले में सुनवाई के दौरान निर्भया के वकील ने कहा कि दोषियों की फांसी की तारीख तय होनी चाहिए. दया याचिका दायर करने से डेथ वारंट जारी होने का कोई लेना देना नहीं है.

मामले पर निर्भया के वकील का कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है, तो वे डेथ वारंट को स्थगित या स्टे कर सकते हैं. लेकिन बाकी के तीन दोषियों की पुनर्विचार खारिज हो चुकी है. उन्हें क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने का अधिकार नहीं है.

इस पर पटियाला हाउस के जज ने कहा कि जब तक पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. तब तक ये कोर्ट डेथ वारेंट जारी नहीं कर सकती.

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