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निर्भया हत्याकांड: पांच दिनों की सीबीआइ रिमांड पर आरोपी राहुल रॉय, खुलेंगे कई राज

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Ranchi: रांची की निर्भया कांड में कई राज आनेवाले दिनों में खुल सकते हैं. दरअसल, शनिवार को गिरफ्तार किये गये आरोपी राहुल रॉय को सीबीआइ ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है.

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गौरतलब है कि 15 दिसंबर 2016 को बूटी बस्ती में हुए बहुचर्चित निर्भया हत्याकांड के ढाई साल बाद मामले की जांच कर रही सीबीआइ टीम ने राहुल रॉय नाम के बीटेक के छात्र को शनिवार गिरफ्तार किया था.

सीबीआइ की टीम ने निर्भया हत्याकांड के आरोपी राहुल रॉय को पांच दिनों की रिमांड पर लिया है. सीबीआइ की टीम अब उससे यह जानने का प्रयास करेगी कि आखिर घटना को उसने किस तरह से अंजाम दिया था.

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घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे. आरोपी छात्र को रिमांड में लेने के बाद ही पूरी तरह से हत्याकांड का खुलासा हो पायेगा.
राहुल को रिमांड पर लेने के लिए इस मामले के जांच अधिकारी परवेज आलम ने सीबीआइ कोर्ट में आवेदन भी दे दिया था. उल्लेखनीय है कि निर्भया हत्याकांड में धारा 376, 511 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

सीआइडी को भी नहीं मिली थी सफलता

रांची पुलिस के साथ संयुक्त रूप से जांच कर रही सीआइडी को भी इस मामले में कुछ खास सफलता नहीं मिल पायी थी. जिसके बाद भारी जनदबाव को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीबीआइ जांच की अनुशंसा कर दी.

सीएम की घोषणा के एक साल बीतने के बाद भी इस केस को सीबीआइ ने टेकओवर नहीं किया था. राज्य सरकार स्तर से सीबीआइ को तीन बार लिखित और कम से कम पांच बार मौखिक रूप से कहा जा चुका था कि इस मामले की जांच शुरू करें.

लेकिन इसके बावजूद टेक्निकल फॉर्मेट में डेटा रिसीव नहीं होने के कारण सीबीआइ ने इस मामले को अपने हाथ में लिया ही नहीं था.

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28 मार्च 2018 को सीबीआइ ने दर्ज किया था मामला

घटना के करीब एक साल बाद सीबीआइ ने मामला दर्ज किया था. निर्भया हत्याकांड में सीआइडी से पहले घटना की जांच जिला पुलिस ने शुरू की थी.

लेकिन कुछ हासिल नहीं हो पाने के कारण एसआइटी गठित की गयी. एसआइटी के साथ-साथ सीआइडी ने भी समानांतर जांच शुरू की.

कोर्ट के आदेश पर कई संदिग्धों की डीएनए जांच भी कराई गयी. घटना स्थल से पुलिस को जितने साक्ष्य मिले, सभी की एफएसएल जांच भी हुई थी.

राज्य सरकार की सीबीआइ जांच की अनुशंसा के एक साल बाद सीबीआइ ने 28 मार्च 2018 को मामला दर्ज किया. तब से उम्मीद जतायी जा रही है कि बूटी बस्ती की बीटेक छात्रा की हत्या के रहस्य से जल्द पर्दा उठ जाएगा.

दुष्कर्म के बाद की गयी थी हत्या

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बता दें कि 16 दिसंबर 2016 को रांची की बूटी बस्ती की रहने वाली बीटेक की छात्रा के साथ कुछ युवकों ने पहले उसे अपने हवस का शिकार बनाया.

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फिर उसकी हत्याकर शव को तेजाब से जलाने का प्रयास किया गया था. इस घटना ने राजधानी रांची को हिला कर रख दिया था. घटना के विरोध में स्कूली बच्चों से लेकर शहरवासी सड़कों पर उतरे थे. कई जगह इसके विरोध में कैंडल मार्च भी निकाला गया था.

जानिए कब-क्या हुआ

16 दिसंबर 2016: सुबह आठ बजे इस हत्याकांड के बारे में पुलिस को सूचना मिली, जांच शुरू हुई.

17 दिसंबर 2016: शव का अंतिम संस्कार किया गया. शक के आधार पर छह युवकों को हिरासत में लिया गया था. फिर पूछताछ कर छोड़ दिया गया.

18 दिसंबर 2016: फॉरेंसिक की टीम ने घटनास्थल की सूक्ष्म जांच की. शहर में इस हत्याकांड को लेकर लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकाला.

19 दिसंबर 2016: एक हजार छात्रों ने बूटी मोड़ चौराहे को चार घंटे तक जाम किया. पुलिस ने फिर चार को हिरासत में लिया, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.

20 दिसंबर 2016: पुलिस का दावा मामले का शीघ्र खुलासा कर लेंगे. थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.

21 दिसंबर 2016: निर्भया के कॉलेज जाकर पुलिस ने उसकी सहेलियों से जानकारी ली.

22 दिसंबर 2016: निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए फिर सड़क पर उतरे लोग.

22 जून 2019: निर्भया हत्याकांड के ढाई साल बीत जाने के बाद सीबीआइ की टीम ने बीटेक के छात्र राहुल रॉय को गिरफ्तार किया.

24 जून 2019: सीबीआइ की टीम ने निर्भया हत्याकांड के आरोपी राहुल रॉय को 5 दिनों की रिमांड पर लिया.

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