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#NirbhayaCase: दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन को SC ने किया खारिज

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2012 के निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के दो दोषियों की सुधारात्मक याचिका खारिज कर दी.

न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मौत की सजा पाने वाले चार मुजरिमों में से विनय शर्मा और मुकेश कुमार की सुधारात्मक याचिकायें खारिज कर दीं. 

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पहले विनय फिर मुकेश ने दायर की थी पिटीशन

इन दोनों दोषियों की सुधारात्मक याचिका पर न्यायाधीशों के चैंबर में कार्यवाही की गयी. कोर्ट ने इस मामले के चारों मुजरिमों को 22 जनवरी को सवेरे सात बजे तिहाड़ जेल में मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए आवश्यक वारंट जारी किया था.

इसके बाद विनय और मुकेश ने सुधारात्मक याचिका दायर की थी. पहले विनय शर्मा ने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी. इसके बाद दोषी मुकेश ने भी पिटीशन दायर की थी.

बीते दिनों तिहाड़ जेल में डमी ट्रायल भी हुआ. दोषियों को उत्तर प्रदेश का पवन जल्लाद फांसी के फंदे पर लटकायेगा.

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अभी भी फंसा है फांसी पर पेंच

हांलाकि दोनों ही दोषियों की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दी गयी है लेकिन फिर भी उनके पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका देने का विकल्प है. जिसमें राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद-72 एवं राज्यपाल अनुच्छेद-161 के तहत दया याचिका पर सुनवाई करते हैं. सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगते है जिसके बाद मंत्रालय अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेजता है और फिर राष्ट्रपति दया याचिका का निपटारा करते हैं.

लेकिन अगर राष्ट्रपति दोषी के दया याचिका को खारिज कर देते हैं तो फिर उसके फांसी का रास्ता साफ हो जाता है. वहीं निर्भया मामले में दो दोषियों ने क्यूरेटिव पिटिशन दिखिल की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. जबकि दो दोषी अभी भी क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल कर सकते हैं. इस मामले के जानकारों का कहना है कि क्यूरेटिव पिटिशन खारिज होने के बाद दोषियों के पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करने का भी विकल्प रहता है.

तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी की

तिहाड़-प्रशासन ने फांसी की सभी तैयारी पूरी कर ली है. चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाने के लिए तिहाड़ जेल में करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक नया फांसी घर तैयार किया गया है.

तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने भी कहा था कि एक साथ अब चारों दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी देने की व्यवस्था कर ली गयी है. अदालत के आदेश के बाद जेल स्तर पर फांसी देने में किसी तरह की देरी नहीं होगी.

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क्यूरेटिव पिटीशन क्या है

क्यूरेटिव पिटीशन के बारे में यहां बताते चलें कि क्यूरेटिव पिटीशन यानि कि इसे उपचार याचिका भी कहते हैं. जो ये  पुनर्विचार याचिका से थोड़ा अलग हटकर होती है.

क्यूरेटिव पिटीशन के अंतर्गत इसमें फैसले की जगह पर पूरे केस में वैसे मुद्दे या फिर विषय चिन्हित किये जाते हैं. जिसपर उन्हें लगता है कि उन बिंदुओं पर ध्यान देने की जरूरत है.

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क्या है मामला

याद दिला दें कि 16 दिसंबर, 2012 को निर्भया अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर घर लौट रही थी. दोनों पश्चिम दिल्ली के पास एक प्राइवेट बस में सवार हुए. बस में 6 लोग मौजूद थे.

जिन्होंने चलती बस में निर्भया से गैंगरेप किया और हैवानियत की हर हद को पार कर दिया. निर्भया ने अस्पताल में कई दिनों तक मौत से जंग लड़ी लेकिन 29 दिसंबर को वह जिंदगी की जंग हार गयी.

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