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असिस्टेंट प्रोफेसर पद के विज्ञापन के खिलाफ निरंजन कुमार ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की       

आरक्षण के मापदंड की अनदेखी कर आयोग ने विज्ञापन प्रकाशित किया है. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा में एक बार भी नियुक्ति नहीं हुई है तो फिर बैकलॉग पद कहां से आया.

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 Ranchi : सहायक प्राध्यापक नियुक्ति में कई गड़बड़ियों के खिलाफ गुरुवार को झारखंड अनुबंध सहायक प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष निरंजन कुमार ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की. निरंजन कुमार इस केस को पैरवी हाईकोर्ट के सीनियर अधिवक्ता राजेश कुमार करेंगे. अभ्यर्थी निरंजन कुमार ने बताया कि राज्य में 2007 के बाद जेट की परीक्षा नहीं हुई है, जिससे वे परेशान हैं.  दूसरी ओर आरक्षण के मापदंड की अनदेखी कर आयोग ने विज्ञापन प्रकाशित किया है. उन्होंने बताया कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा में एक बार भी नियुक्ति नहीं हुई है तो फिर बैकलॉग पद कहां से आया.

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निरंजन कुमार ने निम्न बिंदुओं पर सवाल खड़े किये हैं

  1. रिक्तियों में आरक्षण रोस्टर का पूर्णतः पालन नहीं
  2. बैकलॉग रिक्ति में भी त्रुटि
  3. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की रिक्तियों में भारी त्रुटि है.
  4. रिक्तियां पुरानी है, राज्य गठन के पूर्व की है, जबकि बहाली यूजीसी नोर्मस – 2009 एवं राज्य सरकार नियम – 2017 के अनुसार की जा रही है. रिक्तियां पुरानी है, तो नियम भी पुराना ही होना चाहिए.
  5. असिस्टेंट प्रोफेसर के बैकलॉग पदों में दिव्यांगों के लिए पद नहीं होने पर सवाल.
  6. रांची विश्वविद्यालय के सत्राह विषयों में एक भी रिक्त पद नहीं.
  7. यूजीसी द्वारा जारी पत्र की जेपीएसएसी द्वारा अनदेखी.
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त्रुटियों में सुधार नहीं किया जाता, तब तक कोई नियुक्ति नहीं होने दी जायेगी

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झारखंड अनुबंध सहायक प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष निरंजन ने कहा कि जब तक जेपीएससी और झारखंड सरकार द्वारा उपरोक्त त्रुटियों में सुधार नहीं किया जाता, तब तक कोई नियुक्ति नहीं होने दी जायेगी. बता दें कि जेपीएससी एक फिर विवादों में आ गयी है. दरअसल 18 जुलाई को कमीशन ने सहायक प्राध्यापक पद की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था. परन्तु इस विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया.

प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में होने वाली इस भर्ती के लिए संबंधित विषय में न्यूनतम 55 फीसदी अंक के साथ स्नातकोत्तर, साथ ही नेट या जेट में उत्तीर्ण होना अनिवार्य योग्यता रखी गयी है. इससे कॉलेजों के लिए बैकलॉग और रेगुलर वेकेंसी को भरा जाना है. लेकिन आरक्षित पद को लेकर अभी से सवाल उठने लगे हैं. बता दें कि जेपीएससी के द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की 1118 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया है.

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