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निरंजन कुमार का भ्रष्टाचार से पुराना नाता, बिहार में ब्लैक लिस्टेड रही कंपनी को दिलाया था 600 करोड़ का काम

ऊर्जा संचरण निगम में एमडी रहते की थी गड़बड़ी, तत्कालीन मंत्री सरयू राय ने उठाया था मामला

Ranchi : एसीबी की जांच के दायरे में आये ज्रेडा के पूर्व निदेशक निरंजन कुमार का भ्रष्टाचार से पुराना नाता रहा है. ऊर्जा संचरण निगम में एमडी रहते हुए इन्होंने ऐसी कंपनी को काम का ठेका दिया जो बिहार में ब्लैक लिस्टेड थी. इनकी यह गड़बड़ी तब प्रकाश में आयी जब तत्कालीन मंत्री सरयू राय ने मामले को उठाया था.

ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड की ओर से साल 2017-18 में टेंडर निकाला गया था. यह टेंडर ग्रिड सब स्टेशन बनाने को लेकर था. इस टेंडर के जरिये राज्य में 600 करोड़ रुपये की लागत से छह ग्रिड सब स्टेशन बनने थे. यह काम फ्लो मोर कंपनी मिला. इस कंपनी को बिहार में 2014-15 में ही ब्लैक लिस्टेड किया गया था. इस पर तत्कालीन मंत्री सरयू राय ने विभागीय सचिव को पत्र लिखा था. साथ ही सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी शेयर की थी . तब मात्र तीन महीने में ऊर्जा संचरण ने टेंडर रद्द कर दोबारा टेंडर निकाला और फिर से फ्लो मोर को ही काम दिया गया.

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टेंडर प्रक्रिया में नियमों की हुई थी अनदेखी

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इस टेंडर के अनुसार राज्य में छह ग्रिड सब स्टेशन बनने थे. जिसके लिये छह सौ करोड़ की योजना बनायी गयी. इस टेंडर में एल वन रेट फ्लो मोर नामक एजेंसी का आया. इसके बाद सरयू राय ने कंपनी के ब्लैक लिस्टेड होने का मामला उठाया. जिसके बाद टेंडर मामला निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में गया. इसके बाद मामला निगम की स्पेशल परचेज कमेटी में गया. अंततः काफी बवाल होने और उस समय के ऊर्जा सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी को पत्र लिखे जाने के बाद मामला एजी तक पहुंचा. जिसके दबाव में आकर ऊर्जा संचरण निगम ने बिना देरी किये टेंडर रद्द किया.

तीन माह में फिर से निकला टेंडर, उसी कंपनी को मिला काम

टेंडर नियमों की मानें तो एलवन रेट में आते हुए अगर कोई कंपनी में गड़बड़ी पायी जाती है, तो एलटू रेट वाली कंपनी को काम दे दिया जाना चाहिये. ऊर्जा संचरण ने ऐसा नहीं किया. तीन महीने के भीतर निगम ने फिर से टेंडर निकाला. फ्लो मोर कंपनी फिर से टेंडर में शामिल हुई. इस बार कंपनी को बिहार सरकार ने ब्लैक लिस्ट से हटा दिया. ऐसे में फिर से कंपनी इस टेंडर में भाग लेती है और एलबन रेट से टेंडर हासिल करती है. एसीबी की ओर से निंरजन कुमार पर इन्हीं आरोपों की जांच की जा रही है.

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