न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

तंबाकू नियंत्रण के लिए नौ सदस्यीय कमिटी का गठन, निधि खरे हैं कमिटी की अध्यक्ष

तंबाकू उत्पादक अब अधिकारियों से सीधे नहीं मिल सकेंगे, करना होगा पत्राचार

227

Ranchi : तंबाकू उद्योग पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है. एफसीटीसी 5.3 के तहत तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में तंबाकू उद्योगों के बढ़ते हस्तक्षेप पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कमिटी का गठन किया गया है. तंबाकू उद्योग के प्रतिनिधि किसी भी सरकारी प्रतिनिधि से नहीं मिल सकते. इसके लिए उन्हें प्राधिकृत समिति के अध्यक्ष या सचिव से लिखित रूप से बात करनी होगी. तंबाकू उद्योग के मामले में कमिटी की ओर से लिया गया निर्णय अंतिम निर्णय होगा.

इसे भी पढ़ें- बीजेपी सांसद रविंद्र राय ने जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी पर ठोका 10 करोड़ का मानहानि का दावा

2004 में जतायी थी सहमति

भारत सरकार ने वर्ष 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल (एफसीटीसी) पर देश में सहमति जतायी थी. इसके तहत तंबाकू उद्योगों के प्रभाव से आम जनता को दूर करना था. इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से कमिटी का गठन किया गया है.

झारखंड बना आठवां राज्य

तंबाकू उद्योगों पर नियंत्रण लगाने के लिए अन्य राज्यों में भी ऐसे निर्णय लिये गये हैं. इनमें झारखंड का स्थान आठवां होगा. इसके पूर्व पंजाब, मिजोरम, बिहार, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु ने ऐसे कदम उठाये हैं.

इसे भी पढ़ें- रांची स्मार्ट सिटी के लिए 500 करोड़ का इंटीग्रेटेड बजट निर्धारित

बच्चों और युवाओं को सॉफ्ट टारगेट समझती हैं कंपनियां

इसकी जानकारी देते हुए सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि युवाओं और बच्चों को तंबाकू उद्योग सॉफ्ट टारगेट समझते हैं, जिन्हें लुभावने विज्ञापन आदि से तंबाकू की ओर आकर्षित किया जा सकता है. इन्होंने बताया कि कंपनी बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती है. बता दें कि सीड्स संस्था स्वास्थ्य विभाग को तंबाकू नियंत्रण में तकनीकी सहयोग करती है.

इसे भी पढ़ें- रिम्स में आयुष्मान भारत के लाभुक मरीजों को निःशुल्क मिलेगा पेइंग वार्ड का लाभ

तंबाकू उद्योगों पर नकेल कसी जायेगी

दीपक मिश्रा ने बताया कि कमिटी के गठन से राज्य में तंबाकू उद्योगों पर नकेल कसी जायेगी. उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित जीएटीएस 2 की सर्वे रिर्पोट का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में तंबाकू सेवन करनेवालों में काफी कमी आयी है. यह आंकड़ा 50.1 प्रतिशत से घटकर 38.9 प्रतिशत हो गया है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

o1
You might also like