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माओवादी निवेशक मनोज चौधरी से NIA कर रहा पूछताछ, निवेश सबंधित कई खुलासे होने की संभावना

Ranchi: माओवादियों के निवेशक मनोज चौधरी से एनआइए पूछताछ कर रहा है. इस दौरान निवेश से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. खुलासा होने के बाद पैसों के निवेश के मामले में कई वांटेड नक्सलियों पर एनआइए शिकंजा कसेगा.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मनोज चौधरी ने कई नक्सलियों के पैसे के निवेश के बारे में एनआइए को जानकारी दी है. जिसमें एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर प्रयाग मांझी, पतिराम मांझी उर्फ तूफान उर्फ अनल दा, स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर, चंचल उर्फ बीरसेन, जोनल कमेटी सदस्य और 10 लाख का इनामी रामदयाल महतो, कृष्णा दा, सिंगराई सोरेन, शनिचर हेंब्रम की संपत्तियों के निवेश के बारे में उसने बताया है.

एनआइए के द्वारा पूछताछ के दौरान निवेश से संबंधित कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. ये बड़े माओवादी किन-किन लोगों से लेवी लेते हैं और लेवी दिलाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले के बारे में भी बड़ा खुलासा हो सकता है.

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 NIA ने मनोज चौधरी को बंगाल के हुगली से किया था गिरफ्तार

झारखंड के शीर्ष भाकपा माओवादियों पतिराम मांझी, अजय महतो, दुर्याधन महतो समेत अन्य के लेवी के पैसों का निवेश करने वाला मनोज चौधरी एनआइए के हत्थे चढ़ गया था. एनआइए ने 2 अप्रैल की सुबह मनोज चौधरी को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया था.

मनोज मुल रूप से गिरिडीह के पीरटांड का रहने वाला है. एनआइए ने गिरफ्तारी के बाद हुगली में मनोज के ठिकानें पर सर्च भी किया गया, जहां चल- अचल संपत्तियों से जुड़े अहम कागजात, बैंक खाते बरामद कये गये. गिरफ्तारी के बाद मनोज को रांची लाया गया. जहां एनआइए ने उसे पांच दिनों के रिमांड पर लिया है.

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2008 से माओवादियों के पैसे निवेश कर रहा था

मनोज चौधरी मनोज चौधरी पूर्व में तोता बेचने का काम करता था. साल 2008 में वह माओवादियों के संपर्क में आया. इसके बाद उसने माओवादियों के द्वारा लेवी से अर्जित पैसों का चल व अचल संपत्तियों में निवेश करना शुरू किया.

मनोज चौधरी ने लेवी के पैसों से गिरिडीह शहर के प्रमुख लोकेशनों में करोड़ों की जमीन खरीदी. मनोज की तीन सालों से झारखंड पुलिस के द्वारा तलाश की जा रही थी. लेकिन वह फरार था. बाद में झारखंड पुलिस के द्वारा दर्ज मामले को एनआइए ने टेकओवर किया था.

कैसे कसा था मनोज चौधरी पर शिकंजा

6 मार्च 2018 को गिरिडीह के अकबकीटांड में सैक सदस्य सुनील मांझी समेत 15 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था. डुमरी थाने में दर्ज केस को 9 मई 2018 को एनआईए ने टेकओवर कर लिया था.

इस मामले में 31 अगस्त 2018 व 8 जनवरी 2019 को मनोज चौधरी समेत 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया था. बाद में जांच में लागू पहाड़ से भारी संख्या में हथियार, कारतूस समेत अन्य चीजें बरामद की गयी थी.

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