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कुख्यात मानव तस्कर पन्नालाल के भाई की गिरफ्तारी से एनआइए को बड़े खुलासे की उम्मीद

पन्नालाल झारखंड की कई लड़कियों को दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में बचे चुका है

एनआइए को पन्नालाल की पत्नी व भाभी की भी तलाश

 

Ranchi : झारखंड का कुख्यात मानव तस्कर पन्नालाल के बड़े भाई की गिरफ्तारी से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को बड़े खुलासे की उम्मीद है. एनआइए ने बुधवार को खूंटी से पन्ना के बड़े भाई शिव शंकर गंझू को गिरफ्तार किया हैं. शिव शंकर मुरहू थाना क्षेत्र के गनोलिया गांव का रहने वाला है.

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एनआइए की जांच में सामने आया है कि शिव शंकर गंझू दो प्लेसमेंट एजेंसियों का मालिक था. मेसर्स लक्ष्मी प्लेसमेंट सर्विस व बिरसा सिक्योरिटी एंड प्लेसमेंट उसकी एजेंसियां थीं. दोनों एजेंसियां झारखंड और दिल्ली में उसके भाई और कुख्यात मानव तस्करी रैकेट के सरगना पन्ना लाल महतो द्वारा संचालित किया जा रहा था.

 

मालूम हो कि झारखंड में मानव तस्कर का बड़ा नेटवर्क काम रहा है.  इनके निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां हैं. इनका मायाजाल इस कदर का लुभावना होता है की अधिक पैसा कमाने के चक्कर में गांव की लड़कियां इनके झांसे में आ जाते हैं. और फिर शुरू हो जाता है शोषण का दौर.

 

झारखंड में मानव तस्करी रैकेट की जांच एनआईए कर रही है. पन्नालाल को पहले ही पुलिस दबोच चुकी है. पन्ना लाल महतो और उसकी पत्नी सुनीता देवी दिल्ली में तीन प्लेसमेंट एजेंसियों की आड़ में एक बड़ा ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट संचालित कर रहे थे. वे गरीब और निर्दोष नाबालिग लड़कों और लड़कियों को झारखंड से दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में नौकरी दिलाने के बहाने लेकर आते थे, लेकिन उनका शोषण किया जाता था और उन्हें कभी भी दिए गए पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जाता था.

 

मानव तस्कर पन्नालाल फिलहाल खूंटी जेल में बंद हैं. पन्नालाल खूंटी के मुरहू थाना क्षेत्र के गानालोया गांव का रहने वाला है. उसकी सक्रियता झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ और ओड़िसा में भी रही है. पन्नालाल महतो ने स्वीकार किया था कि उसने झारखंड की कई लड़कियों को दिल्ली सहित कई राज्यों में बेचा था. बताया जाता है कि मानव तस्करी से पन्ना ने 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की है. उसकी चल-अचल संपत्ति खूंटी, रांची व दिल्ली में है.

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