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एनआईए ने जांच शुरू की, क्या हरियाणा की मस्जिद में दी जानी थी आतंक की ट्रेनिंग?

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि एनआईए अब इस जांच में जुटी है कि कहीं इस मस्जिद का निर्माण लश्कर द्वारा मुस्लिम युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग देने के लिए तो नहीं किया जा रहा था?

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NewDelhi : आतंकी हाफिज सईद के संगठन लश्कर ए तैयबा के पैसों से हरियाणा के पलवल में एक मस्जिद का निर्माण किये जाने के संदर्भ में एनआईए ने खुलासा किया था. कहा गया कि मस्जिद खुलाफा ए रशीदीन निर्माण के लिए पैसा लश्कर की संस्था फलाह ए इंसानियत (एफएएफ) द्वारा दिया गया है. बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि एनआईए अब इस जांच में जुटी है कि कहीं इस मस्जिद का निर्माण लश्कर द्वारा मुस्लिम युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग देने के लिए तो नहीं किया जा रहा था? एनआईए इस बात की जांच कर रही है कि क्या युवा मुस्लिम युवाओं को आतंकी बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा था? इतनी बड़ी मस्जिद बनाने के पीछे का मकसद भारत में लश्कर का स्लीपर सेल बनाने, युवाओं को आतंकी हमले के लिए तैयार करने और आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का मकसद तो नहीं था?

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मोहम्मद सलमान ने एफआईएफ से 70 लाख रुपये लिये थे

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बता दें कि एनआईए द्वारा गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सलमान ने एफआईएफ से 70 लाख रुपये लिये थे.  यह राशि उसे दुबई में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक कामरान ने दी थी. सूत्रों के अनुसार वह एफआईएफ के डिप्टी चीफ के संपर्क में था. बताया गया कि पिछले एक साल के दौरान मोहम्मद सलमान और कामरान दुबई में दो से तीन बार मिले. कामरान से मोहम्मद सलमान को 70 लाख रुपये मिले.  इन पैसों का अधिकतर इस्तेमाल पलवल के उत्तावर में मस्जिद निर्माण के लिए किया गया. एनआईए ने मोहम्मद सलमान (52 वर्षीय), मोहम्मद सलीम और साजिद अब्दुल वाणी को 26 सितंबर को आतंकी गतिविधियों के लिए एफआईएफ से पैसे लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

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ईडी आतंकी फंडिंग की पुष्टि कर देती है, तो मस्जिद सीज करने का अधिकार मिल सकता है

बताया गया है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी हवाला रूट के जरिए एफआईएफ से मिली राशि को लेकर एनआईए के समानांतर जांच करेगी. खबरों के अनुसार एनआईए ने एक अलग केस दर्ज करने के लिए ईडी के साथ एफआईआर शेयर किया है.  खबरों के अनुसार यदि ईडी आतंकी फंडिंग की पुष्टि कर देती है, तो मस्जिद सीज करने का अधिकार मिल सकता है. कहा जा रहा है कि एनआईए को कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिसके माध्यम से कथित तौर पर यह पुष्टि हो रही है कि हवाला रूट के जरिए मस्जिद निर्माण के लिए 2 से 2.5 करोड़ मिलने थे, जिसमें से 70 लाख रुपये मिल चुके हैं.

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