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#RIMS के निदेशक डॉ दिनेश सिंह व लातेहार डीसी पर NHRC कर सकता है कार्रवाई

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Rahul Guru

Ranchi: रिम्स के निदेशक डॉ दिनेश सिंह को नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में शो कॉज नोटिस भेजा था. उनके साथ-साथ लातेहार डीसी को नोटिस भेजा गया था.

रिम्स निदेशक डॉ दिनेश सिंह एवं लातेहार डीसी जीशान कमर को 15 सितंबर तक जवाब देने को कहा गया था. तय समय तक दोनों ने जबाब नहीं भेजा. इस पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने दोनों को सम्मन जारी किया है.

कमीशन के द्वारा जारी किये गये सम्मन में कहा गया है कि 6 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट स्पष्टीकरण के साथ भेजें. उनसे कहा गया है उनके लिए रिपोर्ट भेजने का अंतिम अवसर 15 मार्च 2020 है.

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तय अवधि में रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर कमीशन मानव अधिकारों का संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत सख्त प्रक्रिया शुरू कर सकता है.

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क्या है मामला

लातेहार के बरवाडीह प्रखंड के छीपादोहर पंचायत के परहिया आदिम जनजाति बहुल गांव गम्हारिया की रहनेवाली दिलबसिया की एक दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी टूट गयी थी.

इस वजह से उसकी हालत काफी खराब हो गयी थी. छिपादोहर अस्पताल में इलाज ठीक से नहीं हो पाने की स्थिति में डालटनगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया था.

वहां एक्स-रे के बाद उसे रिम्स रेफर कर दिया गया था. रिम्स में दिलबसिया को 20 जून को भर्ती कराया गया. लेकिन दो हफ्ते बाद ही उसे 4 जुलाई को गांव ले आया गया.

उचित इलाज नही होने के कारण दिलबसिया की मौत नंवबर 2019 में हो गयी थी. इलाज में लापरवाही एवं आदिम जनजाति को अचित सरकारी सहायता नही मिलने के कारण समाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन में शिकायत दर्ज करायी थी.

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रिम्स नहीं कर सका दिलबसिया का इलाज, हो गयी मौत

रिम्स में भर्ती कराये जाने के बाद भी दिलबसिया की हालत वैसी ही बनी हुई थी. एक तो उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गयी थी और दूसरा उसकी कमर के नीचे जख्म था, जो बढ़ता ही जा रहा था.

दिलबसिया के पास आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज के अभाव में वह भटकती रही. उसकी मां चरकी परहीन ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी रिम्स में इलाज के दौरान करीब 14- 15 हजार रुपये खर्च हो गये.

विधवा पेंशन की कुछ रकम भी आने-जाने के क्रम में खर्च हो गयी. दिलबसिया का उचित इलाज नहीं होने के कारण नवम्बर माह में उसकी मौत हो गयी थी.

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