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एनएचएआई का खेल निराला, अक्टूबर माह में करा रहा पौधारोपण

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Bokaro: सरकारी राशि की लूट का खेल देखना है तो बोकारो रामगढ़ एनएच-23 पर जब जैनामोड़ और पेटरवार के बीच बहादुरपुर के पास पहुंचेंगे, तो आपको नजर आने लगेगा. आमतौर पर वन विभाग बारिश के दिनों में पौधारोपण करती है, लेकिन यहां एनएचएआई के ठेकेदार अक्‍टूबर के अंतिम दिनों में पौधा रोपण कर रहे हैं. बहादुरपुर में होटल स्वागत के पास पौधारोपण का काम चल रहा है. यहां जैसे-तैसे गढ्डे खोदकर उसमें चार फीट के पौधे लगाये जा रहे हैं, जिसमें किसी भी प्रकार के खाद का उपयोग नहीं किया जा रहा है. साथ ही पौधों को लगाते ही उसकी घेराबंदी भी कर दी जा रही है, ताकि जानवरों से बचाया जा सके.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का वृक्षारोपण बरसात के दिनों में किया जाता, तो अब तक पौधा तैयार हो जाता. लेकिन, इस मौसम में पौधा लगाकर पूरी तरह से सरकारी राशि के घाल मेल का मामला नजर आ रहा है. लेकिन, इस पर एनएचएआई के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. पौधा रोपण से यह तो स्पष्ट हो चला है कि पौधों का विकास इस मौसम में नहीं के बराबर होगा, जबकि जो ठेकेदार पौधा रोपण करवा रहा है उनका विकास जरुर हो जायेगा.

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फंसा बिल निकालने के लिए हो रहा है पौधारोपण

फोर लेन और टू लेन निर्माण में एनएचएआई की ओर से काफी संख्या में सड़क के किनारे पेड़ों की कटाई पेटरवार से चास तक हुई है. उसके स्थान पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण करना है. इसी के तहत एनएचएआई की ओर से ठेकेदार को पौधा रोपण का काम दिया गया है. ठेकेदार के लोगों ने कहा कि विभाग के पास काफी बिल फंसा हुआ है, जिसकी निकासी के लिए जल्दी से जल्दी इलाके में पौधा रोपण कर रहें हैं, ताकि इस काम को पूरा करने के बाद बिल की निकासी हो सके.

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मामले की जांच करवायेंगे: निदेशक

एनएचएआई धनबाद के निदेशक आरबी ओझा ने बताया कि क्षतिपूर्ति पौधा रोपण हर हाल में किया जाना है, लेकिन इस मौसम में पौधा रोपण किनके निर्देश में हो रहा है. इसकी जानकारी करके ही बता सकेंगे. हलांकि, इस मौसम में पौधा लगाकार उसे बचाने की जिम्मेवारी संबंधित ठेकेदार की होगी. पौधा रोपण के करीब चार साल के बाद उनकी गिनती कर ही राशि की भुगतान की जाती है, ताकि पौधा पेड़ का आकार ले सके.

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