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#NHAI का कर्ज 1.78 लाख करोड़ पर पहुंचा, सरकार की फिलहाल सड़क निर्माण काम रोकने की नसीहत !

NewDelhi : देश में राजमार्गों का जाल बिछाने वाली सरकारी कंपनी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) कर्ज में डूब गयी है. नयी सड़कें बनाने के लिए उसके पास पैसे की कमी पड़ गयी है. खबरों के अनुसार NHAI का कर्ज 40,000 करोड़ रुपये बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. आशंका है कि 2023 तक कर्ज का आंकड़ा 3.3 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. जानकारी के अनुसार सरकार ने फिलहाल सड़कें बनाने का काम रोकने की नसीहत दी है. प्रधानमंत्री कार्यालय से केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजे पत्र में ऐसा करने को कहा गया है.

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टीओआई के हवाले से ब्लूमबर्ग ने लिखा है कि पीएमओ ने अपने पत्र में लिखा है कि फिलहाल सड़क का बुनियादी ढांचा आर्थिक रूप से अस्थिर हो गया है. पीएमओ से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव को भेजे गये पत्र में NHAI का ऑपरेशनल परफॉरमेंस सुधारने का सुझाव दिया गया है.

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बिना प्लानिंग और सड़कों के बहुत ज्यादा विस्तार से परियोजनाओं में रुकावट

इस पत्र में कहा गया है कि बिना प्लानिंग और सड़कों के बहुत ज्यादा विस्तार से परियोजनाओं में रुकावट पैदा हो गई है. और सड़क का बुनियादी ढांचा आर्थिक रूप से अस्थिर हो गया है. चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि NHAI द्वारा सड़कों के अनियोजित और अत्यधिक विस्तार से स्थिति बिगड़ी है. पीएमओ ने मंत्रालय को कुछ सुधारात्मक कदम उठाने की भी नसीहत दी है. पीएमओ के अनुसार , NHAI सड़क संपत्ति प्रबंधन कंपनी में तब्दील हो.

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साथ ही कहा गया है,NHAI को उन सभी सड़कों के लिए एक राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड खाका तैयार करने की आवश्यकता है, जिन्हें 2030 तक राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में लेने की आवश्यकता है. पीएमओ ने साफ-साफ कहा है कि NHAI सड़क परियोजनाओं के निर्माण को रोक दे.

जान लें कि वित्त वर्ष 2014-15 के मुकाबले 2018-19 में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति दोगुनी हुई है. 2014 में जहां 12 किलोमीटर सड़कें प्रतिदिन बनती थीं, वह आंकड़ा पांच साल में बढ़कर 2019 में 27 किलोमीटर प्रति दिन हो गया है. लेकिन अब इस गति पर ब्रेक लगने जा रहा है. राजमार्ग जैसी आधारभूत संरचना के विकास में रोड़े अटकने का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

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