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एनएच 33 का नाम कांग्रेस ने रखा ‘भाजपा हड्डी तोड़ हाईवे’

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Ranchi: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस पार्टी ने रविवार को एनएच 33 स्थित रांची-टाटा रोड का नामकरण ‘भाजपा हड्डी तोड़ हाईवे -33’  किया. इस दौरान कांग्रेस के विभिन्न नेताओं ने नामकुम से बहरागोड़ा तक क्षेत्रवार कार्यक्रम आयोजित कर सड़क का नामकरण किया. पारडीह में सड़क के नामकरण करने के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने बताया कि हाल के वर्षों में रांची टाटा रोड की स्थिति काफी खराब हो गयी है. पहले भी हाईकोर्ट ने भी इसपर संज्ञान लेते हुए राज्य को कड़ी फटकार लगायी थी, इसके बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है. हालत यह है कि इस बदहाल सड़क पर लगातार दुर्घटना की घटना घट रही है.

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क्षेत्रवार नेताओं ने किया सड़क का नामकरण

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश के बाद एनएच 33 में क्षेत्रवार नेताओं ने इस बदहाल सड़क का नामकरण किया है. इसमें नामकुम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय पांडे, बुंडू में कालीचरण मुंडा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश कुमार बैठा, पारडीह में प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, घाटशिला में प्रदीप कुमार बलमुचू ने सड़क का नामकरण ‘भाजपा हड्डी तोड़ हाईवे -33’  किया. प्रदेश अध्यक्ष कहा कि रांची-टाटा सड़क का खस्ताहाल और ठेकेदार के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार के कारण आज इस हाईवे की स्थिति ऐसी हो गयी है. सरकार की इसी लापरवाही को जनता के सामने रखने के लिए ही कांग्रेस पार्टी ने इस सड़क का नामकरण ‘भाजपा हड्डी तोड़ हाईवे -33’  रखने का काम किया है.

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सरयू राय सहित हाइकोर्ट ने जतायी थी नाराजगी

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मालूम हो कि प्रदेश कांग्रेस के पहले सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री और हाईकोर्ट ने भी सड़क की स्थिति पर संज्ञान लिया था. मंत्री ने भी सड़क की जर्जर हालत पर कुछ माह पहले कहा था कि सड़क की स्थिति पर सरकार के प्रति लोगों मे आक्रोश है. उन्होंने कहा था कि जर्जर स्थिति के चलते भाजपा के भी कार्यकर्ता हादसे में घायल हो चूके हैं. वहीं गत वर्ष सितम्बर माह में झारखंड हाईकोर्ट ने भी अपने एक निर्देश में इस सड़क निर्माण मामले में तय लक्ष्य के अनुसार काम नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि कंपनी दिवालिया हो गई है क्या, वह अपने निर्धारित माइल स्टोन को भी पूरा नहीं कर पा रही है.

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चैम्बर से जुड़े लोगों ने कहा, कंपनी निवेश नहीं कर रही

वहीं गत अगस्त माह में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंडस्ट्रीज के बैनर तले जर्जर एनएच-33 के विरोध में व्यापारी भी सड़क पर उतर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी. एंडस्ट्रीज से जुड़े लोगों में से एक रमेश अग्रवाल ने बताया था कि उनकी कंपनी में निवेश के लिए जापानी कंपनी के अधिकारी आए थे, लेकिन एनएच-33 की बदहाली देखकर उन्होंने निवेश करने से इनकार कर दिया. इस कंपनी में जापान से करोड़ों के निवेश का करार हुआ था. सत्यनारायण अग्रवाल ने कहा था कि पिछले आठ साल में एनएच-33 पर हादसे में 700 सौ मौत हुई है, सरकार अभी तक सोयी हुई है.

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