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विशेष दत्तक गृह के संचालन के लिए सरकार से मिली राशि का एनजीओ ने किया दुरुपयोग

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Ranchi : राज्य में बाल अधिकार पर काम करनेवाली संस्था सरकार से अनुदान राशि लेकर विशेष दत्तक गृह का संचालन कर रही है. लेकिल, सरकारी अनुदान मिलने के बाद भी दत्तक गृह का राज्य में हाल चिंताजनक है. आधारभूत संरचना के लिए जो राशि एनजीओ को उपलब्ध करायी गयी, उसका दुरुपयोग चरम पर देखा जा सकता है. वैसे स्थानों पर विशेष दत्तक गृह का संचलन किया जा रहा है, जो छोटे बच्चों के अनुकूल नहीं हैं. विशेष दत्तक गृह में 0 से 6 वर्ष के नवजात बच्चों को रखा जाता है.

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किन नियमों का उल्लंघन कर रहे विशेष दत्तक गृह का संचालन करनेवाले एनजीओ

विशेष दत्तक गृह में आधारभूत संरचना का विशेष ख्याल रखना है और आधारभूत संरचना किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार होना है, लेकिन राज्य में चल रहे विशेष दत्तक गृह में आधारभूत संरचना में कई कमियां हैं. विशेष दत्तक गृह में सुरक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है. विशेष दत्तक गृह में अधीक्षक को दत्तक गृह में रहना होता है, लेकिन राज्य में चल रहे अधिककतर दत्तक गृहों में अधीक्षक के रहने की कोई व्यवस्था नहीं है. विशेष दत्तक गृह के संचालन के लिए कार्यरत अनुभवी कार्यकर्ताओं का होना आवश्यक है, लेकिन इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. वैसे एनजीओ विशेष दत्तक गृह का संचालन कर रहे हैं, जिनका पूर्व का कोई अनुभव ही नहीं है और कार्यरत कर्मचारी भी अनुभवहीन हैं. वहीं, कार्यरत कर्मचारी की पुलिसिया जांच आवश्यक है, लिए इसकी भी अनदेखी की जा रही है. विशेष दत्तक गृह संस्थान में मौजूद बच्चों की चिकित्सीय जांच हेतु समय-समय पर जांच कराने के लिए पारा लीगल वॉलंटियर की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन दत्तक गृह में पारा लीगल वॉलंटियर नहीं हैं. वहीं, बच्चों के सोने के लिए पीडियाट्रिक बेड की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन राज्य में संचालित अधिकतर दत्तक गृहों में यह व्यवस्था नहीं है.

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राज्य सरकार के आदेश पर इन जिलों में बालगृह, विशेष दत्तक गृह, बालिका गृह की हो चुकी है जांच

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा गठित छह जांच समितियों द्वारा जांच की गयी है. इसमें ग्रुप-ए में आयोग सदस्य रविंद्र कुमार गुप्ता, भूपन साहू द्वारा हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, ग्रुप-बी में सदस्य अन्हद लाल द्वारा दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, गोड्डा, ग्रुप-सी में आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर द्वारा पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, ग्रुप-डी में भूपन साहू द्वारा सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, ग्रुप-ई में आरती कुजूर द्वारा धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची और पूर्वी सिंहभूम और ग्रुप-एफ में रविंद्र कुमार गुप्ता द्वारा लातेहार, गढ़वा व पलामू के बालगृह-दत्तक गृह केंद्र और वहां कार्यरत बाल कल्याण समितियों की जांच व समीक्षा की है. जांच में विशेष दत्तक गृह के संचलान में काफी कमियां उजागर हुईं. विशेष दत्तक गृह केंद्र सरकारी अनुदान से चलनेवाले इन संस्थानों को अनुदान निरस्त करने की आयोग ने अनुशंसा की है. सृजन फाउंडेशन चतरा, इसडो पलामू, सहयोग विलेज गढ़वा, सहयोग विलेज सिमडेगा एवं कुछ एनजीओ को सुधरने के लिए दो माह का समय दिया गया है.

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