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NewsWing Impact : सिमडेगा एसडीओ ने किसानों को पंचनामा और नोटिस नहीं देने पर गेल के अधिकारियों को लगायी फटकार, कहा- जल्द दें कॉपी

  • पतिअम्बा गांव पहुंचे सिमडेगा एसडीओ महेंद्र कुमार कहा किसानों को अविलंब में उनका मुआवजा

Ranchi: गैस पाइपलाइन बिछाने के क्रम में किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने की खबर न्यूज विंग में प्रमुखता से प्रकाशित की गयी. मामला सिमडेगा के पतिअम्बा गांव का है जो जलडेगा प्रखंड में आता है. इस पर संज्ञान लेते हुए गुरुवार को सिमडेगा एसडीओ महेंद्र कुमार ने किसानों से मुलाकात की. एसडीओ ने ग्रामसभा के साथ बैठक की.

एसडीओ ने गेल इंडिया के कर्मियों से किसानों के हक का मुआवजा अविलंब उनको देने के लिए कहा. साथ ही नोटिस और पंचनामा देने की जानकारी गेल इंडिया के अधिकारियों से मांगी गयी.


गेल इंडिया के अधिकारियों ने कहा कि 50 प्रतिशत लोगों को नोटिस दे दिया गया है. बाकी लोगों को नोटिस नहीं दिया गया, जिसके बाद एसडीओ ने गेल कर्मियों को फटकार लगायी और कहा कि जल्द सभी किसानों को पंचनामा की कॉपी दीजिए, जिससे किसान को भी जानकारी रहे और किसानों के लंबित पड़ी मुआवजा राशि को तुरंत किसानों को देने का निर्देश गेल इंडिया को दिया.

बता दें कि न्यूज में पतिअम्बा गांव में किसानों के साथ हो रहे अन्याय की खबर दो बार प्रकाशित की गयी. इसमें पहले का शीर्षक ‘सिमडेगा: गेल इंडिया पर आरोप, भूमि अधिग्रहण नियमों का उल्लंघन कर बिछा रही पाइपलाइन, मुआवजा दिया मात्र सात सौ रुपये है. वहीं दूसरे का शीर्षक ‘गेल इंडिया: ग्रामीण विकास विभाग ने कहा 12 प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा दें, सिमडेगा डीएओ ने बगैर ब्याज कर दी दर तय’ है.

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किसानों ने कहा, नहीं दी गयी जानकारी

इस दौरान किसानों ने एसडीओ को मामले की पूरी जानकारी दी. बताया गया कि दो साल से गेल इंडिया इलाके में पाइपलाइन बिछा रही है, जबकि इसकी जानकारी किसानों को नहीं दी गयी. उन्हें यह भी मालूम नहीं है कि उनके कितनी जमीन पर गेल इंडिया काम करेगी और इसका मुआवजा कितना मिलेगा.

साथ ही किसानों ने एसडीओ को यह भी बताया कि गेल इंडिया के कर्मचारी हर बार अलग अलग जानकारी किसानों को देते हैं जिससे वो भ्रमित हो गये हैं.

इस दौरान बीडीओ जलडेगा विजय राजेश बरला, बीडीओ बांसजोर हर्ष कुमार, गेल इंडिया के एसके रॉय, विकास कुमार सिंह, सहबाज आलम सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे.

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क्या है मामला

मई 2019 से गेल इंडिया की ओर से पतिअम्बा गांव में गैस पाइपलाइन बिछायी जा रही है. किसानों का आरोप है कि गेल के अधिकारी के उनके फसल और फलदार वृक्ष लगे पेड़ों को उखाड़ कर पाइपलाइन लगा रहे है. वहीं उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है.

इसके लिए किसानों ने कई अलग स्तर पर शिकायत की. लेकिन इनकी शिकायत नहीं सुनी गयी. वहीं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जुलाई में किसानों को 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज के साथ मुआवजा देने की मांग की गयी.

लेकिन जिला कृषि पदाधिकारी की ओर से बगैर ब्याज दर तय किये मुआवजा तय कर दिया गया. किसानों का आरोप है कि गेल इंडिया की ओर से न ही किसानों को इसकी पूर्व सूचना दी गयी थी और न ही पंचनामा दिया गया.

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