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NEWSWING IMPACT: पथ निर्माण विभाग ने लंबित योजनाओं को ऑन गोइंग स्कीम में किया तब्दील

75 करोड़ से अधिक की सड़क के निर्माण का है मामला, न्यूजविंग ने प्रकाशित की थी खबर

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Ranchi: झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने राजधानी के आधा दर्जन से अधिक सड़कों को ऑन गोइंग स्कीम की श्रेणी में डाल दिया है. 75 करोड़ से अधिक की यह योजनाएं वर्षों से लंबित पड़ी हुई थीं. जिसे पथ निर्माण विभाग ने लंबित योजनाओं की सूची में शामिल किया था. दो नवंबर को न्यूजविंग ने इससे संबंधित खबर, ’18 महीने में एयरपोर्ट से लेकर नामकुम तक की 6.90 किमी सड़क नहीं बनी’ शीर्षक से प्रकाशित की थी. जिसके बाद सरकार की तरफ से लंबित योजनाओं की सूची बनायी गई.

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इसे भी पढ़ेंः18 महीने में एयरपोर्ट से लेकर नामकुम तक की 6.90 किमी सड़क नहीं बनी

इसमें एयरपोर्ट से लेकर नामकुम तक की सड़क, रिंग रोड के फेज-7 से लेकर जैगुआर कैंप, रिंग रोड से लेकर केंद्रीय विश्वविद्यालय कैंपस की सड़क, कटहल मोड़ जंक्शन, नगड़ी स्टेशन का आरओबी और झिंझरी (इटकी) से लेकर टुटकुंदो रोड प्रमुख है. ये सभी योजनाएं सिंतबर तक पथ निर्माण विभाग की सूची में लंबित थी. इसे अब री-शिड्यूल कर ओन गोइंग स्कीम बना दिया गया है.

रिंग रोड (फेज-7) का काम जय माता दी कंस्ट्रक्शन को मिला था

रिंग रोड के फेज-7 से लेकर जैगुआर आर्म्स फोर्स तक की सड़क बनाने का जिम्मा जय माता दी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को मिला हुआ था. इस सड़क में एक रुपये भी कांट्रैक्टर कंपनी ने अब तक खर्च नहीं किया है. कमोवेश यही स्थिति रिंग रोड से लेकर केंद्रीय विश्वविद्यालय तक की एक किलोमीटर तक की सड़क की भी है. यह काम केएनपी सिंह की कंपनी को मिला हुआ है. सबसे मजेदार स्थिति तो बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन (एयरपोर्ट) से लेकर नामकुम तक फोर लेन की सड़क की है. शांडिल्य कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2016-17 में पथ बनाने का काम दिया गया था. 6.97 किलोमीटर तक की सड़क को दो चरण में बनाया जाना था, जिसकी प्राक्कलित राशि 28.30 करोड़ है. पहले चरण में 20 करोड़ रुपये खर्च भी करने थे, जिसमें कंपनी ने सिर्फ 5.5 करोड़ रुपये ही खर्च किये. अरुणादित्य प्रोजेक्ट्स एंड मिनरल्स को 2016 अगस्त में दिया गया.

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सालों से लंबित योजनाएं

पिस्का-नगड़ी स्टेशन का रेलवे ओवरब्रिज का काम भी आज तक पूरा नहीं हो पाया है. यहां पर 500 मीटर तक सड़क भी बनायी जानी थी. कटहल मोड़ चौक जंक्शन का काम पांच सालों से ठप है. 2013 में 7.83 करोड़ रुपये का इस्टीमेट सरकार की तरफ से पास कराया गया था. इटकी पावर हाउस से लेकर झिंझरी-टटकुंदो रोड की योजना केएनपी सिंह की कंपनी को 2017-18 में मिला 11.04 करोड़ का काम भी रुका हुआ है. योजना में 24 फीसदी ही काम किया गया है. पथ निर्माण विभाग की तरफ से दोबारा योजना को शुरू करने की कोशिश की गयी है.

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