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न्यूज विंग की खबर, जिसे दो अखबारों ने सुर्खियां बनायीं, लेकिन क्रेडिट देने से किया परहेज

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Ranchi: ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब newswing.com की खबर को रांची से प्रकाशित किसी बड़े अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया हो. newswing.com भी कई बार दूसरे मीडिया हाउस की खबर को प्रकाशित करता है. लेकिन वो संबंधित मीडिया हाउस को उसके नाम के साथ बेझिझक क्रेडिट देता है. यही पत्रकारिता की स्वस्थ परंपरा और सिद्धांत भी है. आखिर किसी खबर को लेकर किसी मीडिया हाउस को क्रेडिंट देने में संकोच या शर्म कैसी? अमूमन देखा जाता है कि बड़े इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस खेल की खबरों को दिखाते समय संबंधित  चैनलों को क्रेडिट देना नहीं भूलते. ऐसा नहीं करने पर न्यूज चैनल पर आर्थिक दंड का प्रावधान भी है. लेकिन इसी तरह के मामले में रांची से प्रकाशित प्रभात खबर और हिंदुस्तान अखबार ने बड़ा दिल नहीं दिखाया. दोनों अखबार अपने को झारखंड का सबसे बड़ा अखबार होने का दावा करते हैं. लेकिन जब बड़प्पन दिखाने का समय आया, तो पीछे रह गये.

17 दिसंबर को हिंदुस्तान के पहले पन्ने पर छपी खबर.
17 दिसंबर को हिंदुस्तान के पहले पन्ने पर छपी खबर.
17 दिसंबर को प्रभात खबर के पहले पन्ने पर छपी खबर.
17 दिसंबर को प्रभात खबर के पहले पन्ने पर छपी खबर.
16 दिसंबर को दिन के 3.00 बजे न्यूज विंग पोर्टल पर लगी खबर.
16 दिसंबर को दिन के 3.00 बजे न्यूज विंग पोर्टल पर लगी खबर.

खबर की लिंकः कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव (देखें एक्सक्लूसिव तस्वीरें)

प्रभात खबर  व हिन्दुस्तान  ने पहले पन्ने पर लगायी खबर

newswing.com ने 16 दिसंबर को दिन के 3.17 बजे एक खबर अपने पोर्टल पर लगायी. खबर का शीर्षक था “कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव (देखें एक्सक्लूसिव तस्वीरें).” खबर में तीन तस्वीरें लगायीं गयीं थीं. इसके साथ ही इस बात के भी प्रमाण दिये गये थे कि दोनो उग्रवादियों पर सरकार ने इनाम की घोषणा कर रखी है. दूसरी खबरों की तरह ही newswing.com की ये खबर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. बड़े मीडिया हाउस तक भी यह खबर पहुंची. फिर 17 दिसंबर यानी एक दिन के बाद प्रभात खबर और हिंदुस्तान  ने पहले पन्ने पर यह खबर लगायी. प्रभात खबर  का शीर्षक है “जिस पप्पू लोहरा और सुशील पर पुलिस ने रखा है इनाम वह घूमता था कोबरा बटालियन के साथ” और हिंदुस्तान  का शीर्षक “कोबरा बटालियन के साथ उग्रवादी का फोटो वायरल” है. लेकिन इन दोनों बड़े अखबारों ने इस न्यूज के लिए newswing.com को क्रेडिट देने से परहेज किया. बल्कि इन अखबारों ने इस खबर को सोशल मीडिया के हवाले से प्रकाशित किया. जबकि तथ्य ये है कि ये खबर सबसे पहले newswing.com  पोर्टल पर लगायी गयी थी. यहां बताने की जरूरत नहीं है कि इस पोर्टल का साप्ताहिक अखबार भी प्रकाशित होता है. इस पर भी इन दोनों अखबारों ने ऐसा क्यों किया, इसके पीछे की वजह को समझना बहुत मुश्किल नहीं है.

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