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News Wing Impact: नमोडीह में दूर होगा जल संकट, DC ने लिया संज्ञान-BDO को दिये निर्देश

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Dumka: दुमका जिले के गाोपीकांदर प्रखंड के नमोडीह गांव के चारा टोलो में पेयजल संकट को लेकर जल्द दूर होगा. न्यूजविंग की खबर का असर हुआ है. दरअसल इलाके में पेयजल संकट को लेकर न्यूजविंग ने प्रमुखता के साथ ‘हाल-ए-संताल’ शीषर्क के साथ खबर प्रकाशित की थी. जिस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त दुमका मुकेश कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपीकांदर को नमोडीह गांव जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने कहा था. और ग्रामीणों को हो रही समस्या का हल निकाने का निदेश दिया था.

जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपीकांदर राजीव कुमार ने गांव में खराब पड़े सभी चापाकल को बनवाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया. खबर लिखे जाने तक बुधवार को एक पुराने चापाकल जो प्रधान टोला में लगा है उसकी मरम्मत कर दी गई है. वहीं गुरुवार को गांव के अन्य खराब चापनाल को बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.

क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी

गोपीकांदर बीडीओ रजीव कुमार ने न्यूजविंग को बताया गांव में पानी की समस्या है. जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति थोड़ा आक्रोश है. ग्रामीण दूर से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरा कर रहे हैं. पुराने खराब चापानल को बनाने का काम किया जा रहा है. ग्रामीणों की मांग पर भी विचार हो रहा है. उस गांव में जल्द ही जल मीनार और डीप बोरिंग करायी जाए, इसका प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है.

क्या कहते हैं नमोडीह ग्रामप्रधान जोसेफ

ग्राम प्रधान जोसेफ ने न्यूजविंग को बताया गांव के पुराने चापाकल बनने के बाद भी गांव में पेयजल संकट दूर नहीं होगा. गर्मी में गांव के सभी चापानल सूख जाते हैं. ऐसे में बिना डीप बोरिंग कराए गांव में पेयजल संकट दूर नहीं हो सकता है. चापाकल बनने के बाद भी मवेशियों की जरूरत पूरा करने के लिए डोभा और झरना पर ही निर्भर रहना होगा. गांव के विकास की बात तो दूर पेयजल संकट, रोड आदि की समस्या को दूर करने में भी चुने हुए जनप्रतिनिधि चाहे सांसद हो या विघायक रूचि नहीं रखते हैं. चुनाव के समय जब वोट मांगने राजनीतिक दल गांव आयेंगे तो उनसे इसका हिसाब लिया जायेगा.

कहां है नमोडीह गांव

दुमका जिला के गोपीकंदर प्रखंड मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित है नमोडीह गांव. गांव की आबादी 875 के करीब है. ग्रामीण भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे थे और इन्हें दो किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी पेयजल जरूरत को पूरा करना पड़ता था. डोभा और झरना के सहारे पिछले कई वर्षों से ग्रामीण अपनी पेयजल की जरूरत पूरा रहे थे.

जनगणना 2011 के आकड़े के अनुसार गांव में कुल 108 परिवार रहते हैं. नमोडीह गांव की जनसंख्या 445 थी, जिनमें से 232 पुरुष हैं जबकि 213 के अनुसार महिलाएं हैं. गांव में 0-6 आयु वर्ग के बच्चों की आबादी 86 है जो कि कुल आबादी का 19.33% है. नामोडीह गांव का औसत लिंग अनुपात 918 है जो झारखंड राज्य के औसत 948 से कम है. नमोडीह गांव में झारखंड की तुलना में साक्षरता दर कम है. 2011 में, झारखंड के 66.41% की तुलना में नमोडीह गांव की साक्षरता दर 61.56% थी. नमोडीह में पुरुष साक्षरता 81.52% है जबकि महिला साक्षरता दर 40.57% है.

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