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न्यूज विंग इंपैक्ट : निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों पर कसेगा शिकंंजा

Ranchi : रिम्स के वैसे डॉक्टरों जो निजी प्रैक्टिस करने के साथ ही नन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) का लाभ लेते हुए भी निजी प्रेक्टिस कर रहे है उनके खिलाफ शिकंंजा कसने की तैयारी हो चुकी है. अपर निदेशक अमित कुमार ने सभी विभागाध्‍यक्षों के साथ बैठक कर इस संबंध में निर्देश जारी किया है. उन्होंने कहा कि वैसे डॉक्टर जो सरकारी वेतन ले रहे है एवं एनपीए का भी लाभ ले रहे हैं एवं इसके बावजूद निजी प्रेक्टिस भी कर रहे हैं और विलंब से अस्पताल पहुंचते या अस्पताल से नदारत रहते हैं, ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित किया जाये. अमित कुमार ने कहा कि जो डॉक्टर नन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एनपीए) ले रहे हैं वे निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं. ऐसा करने पर उनके विरोध में कार्रवाई की जायेगी.

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न्यूज विंग ने चलाई थी खबर

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रिम्स में पोस्टेड चिकित्सक जो निजी प्रेक्टिस करते हैं. उनके बारे में में न्यूज विंग ने खबर चलाया था. इसमे डॉ. हेमतं नारायण के साथ-साथ कई चिकित्सकों के नामों को उजागर किया गया था. यह भी बताया गया था कि कौन डॉक्टर कहां निजी सेवा देते हैं.

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सरकार नहीं है किसी भी बात से अनभिज्ञ

ऐसा नहीं है कि रिम्स व अन्य सरकारी अस्पतालों में होने वाले इस खेल से सरकार और विभाग के आला अधिकारी अनभिज्ञ हैं. लेकिन पूरा सरकारी महकमा इस मामले पर सुस्त रहता है और चुप्पी साधे रहता है. जब खबरें मीडिया में चलाई जाती हैं तो थोड़ी हरकत में आते हुए आदेश-निर्देश जारी कर दिए जाते है. लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति ज्यों की त्यों हो जाती है.

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डॉक्टरों ने बताया क्या है मजबूरी

इस विषय पर डॉक्टरों ने कहा विभागों में कई संसाधनों की कमी है. विभाग में कर्मचारियों व नर्सों की घोर कमी है. जिसके कारण मरीजों के इलाज में उन्हें असुविधा होती है. इस पर अपर निदेशक ने विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों, नर्सों, जूनियर डॉक्टरों की सूची तैयार करने को कहा. उन्‍होंने इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य विभागीय वार्ड में तैनात जूनियर डॉक्टरों की हाजिरी अनिवार्य रुप से बनाने का निर्देश दिया. जिससे यह पता चल सके कि किन-किन डॉक्टरों ने किस विभाग में ड्यूटी की है. क्योंकि जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी विभागाध्यक्ष तय करते हैं, इसलिए इसकी जानकारी प्रबंधन को रहना जरूरी है.

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मरीजों को दें सरकारी योजनाओं की जानकारी

अपर निदेशक ने विभागाध्यक्ष डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह सरकारी योजनाओं की जानकारी मरीजों को दें. वे मरीज का इलाज करने के दौरान सरकारी योजना की जानकारी मरीज व उनके परिजनों को दे सकते हैं. इससे मरीजों में जागरूकता आयेगी. जिससे योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सकेगा.

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17 से 25 तक लगेगा मेडिकल कैंप

स्वच्छता सेवा दिवस को देखते हुए अपर निदेशक ने विभागाध्यक्षों को सलाह देते हुए कहा कि रिम्स में सप्ताह में एक बार मेडिकल कैंप अवश्य लगाया जाना चाहिए. इससे जररुरतमदों को सीधे लाभ पहुंचेगा. वहीं इस मौके पर जानकारी देते हुए बताया गया 17 से 25 सितबंर तक मेडिकल लगाया जायेगा. इस कैंप में सभी प्रकार के रोगों का मुफ्त ईलाज एवं दवाईयां वितरित की जायेगी.

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