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News Wing Impact : आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिला तीन माह का बंद मानदेय व 9 माह का रूम रेंट

रूम रेंट की मिलते ही सुपरवाइजर मांगने लगे रिश्वत में 40-50 फीसदी की राशि

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Bermo :  न्यूज विंग की खबर का असर एक माह बाद बेरमो प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों को चलाने वाली सेविकाओं के बकाया मानदेय और रूम रेंट के भुगतान पर देखने को मिला. बेरमो प्रखंड सहित बोकारो थर्मल के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को विगत सितंबर 2018 के बाद से ही मानदेय की राशि का भुगतान नहीं किया गया था. इसके अलावा वैसी सेविकायें जो केंद्र को सरकारी भवनों में नहीं चलाने की बजाय भाड़े के भवनों में चलाती हैं, उनका रूम रेंट का भुगतान भी नहीं किया गया था.

न्यूज विंग में खबर आने के बाद बेरमो के बीडीओ सह सीडीपीओ अखिलेश कुमार ने सेविकाओं को आश्वस्त किया था कि उनके बकाया राशि का भुगतान फरवरी माह में कर दिया जायेगा. बीडीओ सह सीडीपीओ की पहल पर आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं के बकाया तीन माह का मानदेय एवं नौ माह के रूम रेंट का भुगतान फरवरी में कर दिया गया है. भुगतान होने पर सेविकाओं ने आभार प्रकट किया है.

फरवरी 2018 से बंद है बच्चों का पोषाहार राशि

बेरमो प्रखंड सहित बोकारो थर्मल के 21 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का पोषाहार की राशि विगत फरवरी 2018 से ही बंद है. जबकि केंद्र को चलाने वाली सभी सेविकाओं के द्वारा प्रत्येक माह समय पर बच्चों के पोषाहार का वाउचर जमा कर दिया जाता है. आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों का पोषाहार बाजार के दुकानदारों से उधार खरीदकर खिलाना पड़ता है. भुगतान में विलब के कारण दुकानदारों द्वारा उधार सामग्री देने में भी अब आनाकानी की जाने लगी है. डीलर के यहां से मिलने वाला चावल भी समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है.

किसी काम का नहीं है रेड़ी टू ईट

बेरमो प्रखंड सहित बोकारो थर्मल के सभी 21 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती और धातृ महिलाओं को दिया जाने वाला रेडी टू इट चालू कर दिया गया है. परंतु यह किसी काम का नहीं है. इसकी क्वालिटी इतनी खराब है कि बच्चे, गर्भवती और धातृ महिलाएं इसे खाना क्या लेना भी पसंद नहीं करती हैं. मजबूरन वे आबंटन होने पर इसे ले जाती हैं.

काम के बाद भी मानदेय का भुगतान नहीं होने पर काम करने की इच्छा नही के बराबर रह गयी है. उनका कहना था कि जब भी बेरमो की बैठकों में मानदेय का मामला उठाया जाता है तो उन्हें कहा जाता है कि जो काम नहीं करना चाहती हैं वे काम छोड़ दें. उनका कहना था कि जब भी बच्चों के पोषाहार एवं मानदेय की राशि तथा रेडी टू इट का मसला उठाया जाता है तो कहा जाता है कि जिला एवं राज्य से राशि एवं सामग्री नहीं आयी है. आने पर भुगतान कर दिया जाएगा. इसके अलावा जब भी उनका मानदेय आता है तो उन्हें यह नहीं बताया जाता है कि उन्हें किस माह का मानदेय भुगतान किया गया है.

केंद्रों में अंडा का नहीं होता नियमित सप्लाई

आंगनबाड़ी केंद्रों बच्चों को दिया जाने वाला अंडा सप्लायर के द्वारा नियमित रुप से सप्लाई नहीं किया जाता है जिसके कारण बच्चों को नियमित अंडा नहीं दिया जाता है.

क्या मिलता है आंगनबाड़ी केंद्रों से

आंगनबाड़ी केंद्रों पर 0 से लेकर तीन वर्ष तक के बच्चों को नाश्ता और भोजन देने का प्रावधान है. 3 से 6 वर्ष वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और धातृ महिलाओं को रेडी टू इट दिया जाता है. खिचड़ी या भोजन का चावल पीडीएस दुकानदार देते हैं. जबकि अन्य सामान सेविका को खुद खरीदना पड़ता है. पीडीएस से मिलने वाला चावल भी तीन से चार महीने विलंब से मिलता है. जिसके कारण केंद्रों को चलाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

जांच की बात कही थी बेरमो बीडीओ सह सीडीपीओ ने

आंगनबाड़ी केंद्रों के पूरे मामले पर बेरमो के बीडीओ सह प्रभारी सीडीपीओ अखिलेश कुमार का कहना था कि बच्चों के बकाया पोषाहार का भुगतान फरवरी के अंत तक आ जायेगा. जबकि सेविकाओं के सितंबर से बकाया मानदेय का भी भुगतान कर दिया जाएगा. सेविकाओं से सुपरवाइजर के द्वारा वाउचर जमा करने पर चार सौ रुपया की मांग के मसले पर बीडीओ सह सीडीपीओ ने कहा कि ऐसा उनके संज्ञान में नहीं आया है लेकिन ऐसा है तो मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी.

सुपरवाइजर के द्वारा फोन कर मांगा जा रहा है रिश्वत

जबकि इसके उलट नाम नहीं छापने की शर्त पर आंगनबाड़ी केंद्रों की कई सेविकाओं को नौ माह का रूम रेंट भुगतान बैंक के खाता में आते ही बोकारो थर्मल की पूर्व सुपरवाइजर के द्वारा सेविकाओं को उनके मोबाइल पर कॉल करके रूम रेंट का किये गये भुगतान के एवज में 40 से 50 फीसदी राशि बतौर रिश्वत मांगी जा रही है. जबकि सुपरवाइजर का कहना था कि कई सेविकाएं केंद्र ठीक से नहीं चलाती हैं उनको भी तो अपने आप में सुधार लाने की जरुरत है. बोकारो थर्मल गोविंदपुर के ए, बी, डी एवं एफ में कई सेविकाएं हैं जिनका रूम रेंट का भुगतान कई वर्षों से बाकी है. इस मसले पर सुपरवाइजर प्रियंका का कहना है कि 2017-2018 के सभी का रूम रेंट भुगतान कर दिया गया है. पूर्व के बकाया का बताना मुश्किल है.

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