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NEWS WING ने छापी थी मनरेगा लूट की रिपोर्ट, अब सदन में सरकार ने भी माना-51 करोड़ की हुई गड़बड़ी

वित्तीय हेराफेरी करने वाले पर होगी कार्रवाई, अभियान चलाकर राशि की वसूली: आलमगीर

विशेष संवाददाता

Ranchi. झारखंड में मनरेगा में हुई 52 करोड़ की लूट का मामला विधानसभा में भी बुधवार को उठा. न्यूजविंग की खबर पर विधायक अमित कुमार मंडल ने सदन में अपनी आवाज उठायी और सरकार से यह जानना चाहा कि क्या राज्यभर में मनरेगा के तहत कार्यों में सोशल ऑडिट के जरिए 51 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है? सरकार ने भी अपने जवाब में इसे सही माना है और उत्तर हां में दिया है. विभागीय ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की ओर से सदन में जो जवाब आया है, उसमें झारखंड में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 तथा 2020-21 में सामाजिक अंकेक्षण इकाई द्वारा मनरेगा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के दौरान क्रमशः 16.46 करोड़ रुपये, 19.07 करोड़ रुपये,13.53 करोड़ रुपये एवं 0.23 करोड़ रुपये यानी कुल 51.32 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पायी गयी है.

न्यूजविंग में छपी रिपोर्ट

दोषियों पर कार्रवाई हुई शुरू: मंत्री

विधायक अमित मंडल के सवाल पर विभागीय मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है. उन्होंने बताया कि गड़बड़ी उजागर होने के बाद अब तक 2.82 करोड़ रुपये की वसूली की गयी है.

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सबसे अधिक गड़बड़ी इन जिलों में

विधायक अमित मंडल के सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि पलामू में 6.37 करोड़, गढ़वा में 5.93 करोड़, रामगढ़ में 4.93 करोड़ रुपये, हजारीबाग में 2.42 करोड़ रुपये, रांची में 2.17 करोड़ रुपये, चतरा में 1.46 करोड़ रुपये, गोड्डा में 2.88 करोड़ रुपये, दुमका में 2.36 करोड़ रुपये, गिरिडीह में 4.03 करोड़ रुपये, साहेबगंज में 2.87 करोड़ रुपये, पश्चिम सिंहभूम में 3.12 करोड़, बोकारो में 1.28 करोड़ रुपये, जामताड़ा में 1.04 करोड़ रुपये, देवघर में 1.04 करोड़ रुपये,कोडरमा में 0.61 करोड़ रुपये तथा पाकुड़ में 1.66 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के मामले सामजिक अंकेक्षण में सामने आये हैं. मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है. राज्य में अब तक 654 लोगों पर जुर्माना, 487 लोगों को चेतावनी, 11 लोगों पर एफआईआर, 2 लोगों के निलंबन तथा 29 की बर्खास्तगी की तैयारी हुई है.

ऐसे की गयी गड़बड़ीः मनरेगा मद से बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान, सामग्री का वितरण न किये जाने,योजना का कार्य पूर्ण किये बगैर राशि भुगतान के जरिए गड़बडी हुई.

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