Main SliderRanchi

न्यूज विंग के संपादक को धमकी, कहा – IAS आदित्य रंजन के खिलाफ खबर क्यों लिखी

Ranchi: शनिवार की रात 11.00 बजे न्यूज विंग के संपादक सुरजीत सिंह के मोबाइल पर एक  अज्ञात नंबर (+91 88094 44944) से कॉल आता है. वह रिसिव नहीं करते. तुरंत दोबारा कॉल किया जाता है. रिसिव करने पर कॉल करने वाला खुद का नाम जीत ऋषि बताता है.

Jharkhand Rai

धमकाते हुए कहता है चाईबासा के डीडीसी IAS आदित्य रंजन के खिलाफ खबर क्यों लिखे. जब पूछा जाता है आप कौन हैं, जो पूछ रहे हैं, जवाब मिलता है, दिमाग लगाना चाहिये था ना लिखने से पहले. इसके बाद सोशल मीडिया फेसबुक पर न्यूजविंग संपादक सुरजीत सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया जाता है. और ट्रोल किया जाता है.

इसे भी पढ़ें – चाईबासा डीडीसी IAS आदित्य रंजन जिस स्कॉर्पियो पर घूमते हैं, वह कांट्रैक्टर अश्वनि मिश्रा उर्फ सोनू मिश्रा की है

न्यूज विंग के संपादक को धमकी, कहा - IAS आदित्य रंजन के खिलाफ खबर क्यों लिखी
इसी नंबर से दी गयी है न्यूजविंग के संपादक सुरजीत सिंह को धमकी.

न्यूज विंग पिछले तीन दिनों से लगातार चाईबासा डीडीसी के बारे में खबर प्रकाशित कर रहा है. उन खबरों में हमने बकायदा डीडीसी का पक्ष जानने की कोशिश की. खबर के साथ डीडीसी का पक्ष भी प्रकाशित किया गया है.

Samford

शनिवार की रात धमकी भरा कॉल आने के बाद जीत ऋषि और विभू सिंह उज्जैन के द्वारा फेसबुक पर फोटो लगाकर पोस्ट किया जाता है. जिसमें डीडीसी आदित्य रंजन की तारीफ की जाती है. और  न्यूज विंग से कहा जाता है कि “उड़िये उतना ही, जहां से गिरने पर चोट ना लगे.”

इसे भी पढ़ें – कौन हैं अश्वनि कुमार मिश्रा और चाईबासा डीडीसी से क्या है रिश्ता!

मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गयी है

आखिर सवाल यह उठता है कि ये जीत ऋषि और विभू सिंह उज्जैन है कौन? फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है. दोनों हजारीबाग के रहने वाले हैं. पर, डीडीसी चाईबासा आदित्य रंजन से उनका क्या रिश्ता है. यह तो वही जानें.

पर, सवाल उठता है कि अगर खबर को लेकर कोई शिकायत है, तो डीडीसी को खुलकर बोलना चाहिए. डीडीसी को बताना चाहिए कि आखिर किसके इशारे पर ये दोनों उनके पक्ष नें न्यूज विंग के संपादक सुरजीत सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं.

न्यूज विंग ने इस पूरे मामले की जानकारी झारखंड सरकार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को दे दी है. साथ ही कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया है.

हम अपनी खबरों पर अब भी कायम हैं. और भविष्य में भी पत्रकारिता के उसूलों का पालन करते हुए खबरें प्रकाशित करते रहेंगे.

इसे भी पढ़ें – आखिर किसके प्रभाव से 18 माह से अश्वनि मिश्रा की कंपनी को चाईबासा में मिल रहा करोड़ों का काम

Advertisement

10 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: