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News Wing की युवा चौपाल : समाज-राजनीति पर युवाओं ने रखे विचार (देखें वीडियो)

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Ranchi, 09 December : लोकतंत्र या प्रजातंत्र एक ऐसी शासन व्यवस्था है, जिसमें जनता अपना शासक खुद चुनती है. लोकतंत्र में जनता की इच्छा और आकांक्षा पूरी करने के लिये राजनीतिक प्रक्रिया बनी हुई है. इसी राजनीतिक प्रक्रिया के तहत जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाता है. बात अगर झारखंड की राजनीति की करें तो यहां 14 सालों तक राजनीति अस्थिर रही है. राज्य में अकूत खनिज-संपदा भरे पड़े हैं. फिर भी यहां गरीबी नजर आती है. युवाओं में काफी हताशा और निराशा है. वर्तमान समय की बात करें तो युवाओं को अपने नेता से मंत्री तक पर से भरोसा उठता जा रहा है. खोखले दावे सुन-सुन कर युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. राज्य के युवा आखिर राजनीति के बारे में क्या सोचते हैं, उनके अनुभव कैसे है, यह जानने के लिये न्यूज विंग ने युवा चौपाल की दूसरी कड़ी शनिवार को मेंटोर क्लासेस में रखी. युवाओं ने अपनी बात, अपने विचार, युवा पीढ़ी की समस्या, अवसर की चुनौतियों के संबंध में खुलकर अपनी बात रखी. साथ ही उन्होंने कुछ सुझाव भी साझा किये.

देश की नीति निर्धारण में युवाओं की कोई भूमिका नहीं है : सुनील कुमार, बीटेक (छात्र)

देश में एक नौकरी के लिये आवेदन से लेकर नियुक्ति तक की नीति में सालों-साल लग जाते हैं. शिक्षा के प्रति सरकार का लगाव कम होते जा रहा है. सरकार युवाओं से शराब बेचवा रही है. इसलिए शिक्षा में उनका ध्यान नगण्य है.

छात्रों में एक जुटता होना जरूरी : अनूप कुमार (मारवाड़ी कॉलेज)

युवा छात्र में एकजुटता की काफी कमी है. इस वजह से यहां की सरकार मनमाने ढंग से शिक्षा के क्षेत्र में फैसला ले रही है. जिससे छात्रों को काफी नुकसान हो रहा है.

सामाजिक हलचल को सामने लाना चाहिये : पप्पू कुमार (गिरिडीह )

अपने समक्ष अपनी भावना को व्यक्त नहीं कर पाते है. राज्य में बेहतर माहौल नहीं हो पा रहा है. हमारे अधिकार को प्राप्त करने के लिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी.

झारखंड के स्थानीय नीति में युवाओं से भेदभाव : विजय आनंद

झारखंड में बिहार, यूपी और बाहर के लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं. वहीं, यहां के युवा बस परीक्षा पर परीक्षा दे रहे हैं. नियुक्ति के समय बाहरी छात्रों का सेलेक्शन हो जाता है.

राजनीति में युवाओं को प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता : अभिषेक रंजन

राजनीति में ना अवसर मिल पाते हैं, न प्लेटफॉर्म. इससे युवा छात्र असमंजस में रह जाते हैं. कहा जाता है कि राजनीति रसूखदार लोगों के लिए होती है. गरीबों को तो सिर्फ दबाया जाता है. अगर कोई अच्छा करने लगता है तो उसे राजनीति से हटाने के लिये नये-नये हथकंडे अपनाये जाते हैं. जिससे खुद थक-हार कर युवा राजनीति से पीछे हट जाते हैं.

युवा बेरोजगारी से पीड़ित है : प्रीति कुमारी    

आज कल युवाओं में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी ही है. जब तक इसके निराकरण के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनेगी, तब तक युवाओं में राजनीति के प्रति लगाव नहीं होगा. राजनीति में महिलाओं का अधिक शोषण भी होता है. इससे बचने के लिये महिलाये पीछे हट रही हैं.

झारखंड की बदहाली के लिये युवा दोषी : ऋचा कुमारी

झारखंड में शिक्षा से लेकर रोजगार तक की बदहाली के जिम्मेवार सिर्फ यहां के युवा हैं. वो न जागरुक हैं और न ही किसी को जागरुक करते हैं. अगर इसे दूर करना है तो हम सब छात्र-छात्राओं को मिलकर सामने आना होगा. सिस्टम से लड़ना होगा. नियमावली में बदलाव करना होगा. जो युवा हित में हो उसकी बातों को सही प्लैटफॉर्म पर रखना होगा. राजनीति में भी भागीदारी निभानी होगी तब ही बदलाव आ सकेगा.

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