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निजी विवि के गठन को लेकर अब बनेगी नयी नियमावली

कई प्रस्ताव अधर में लटके

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Ranchi : झारखंड में अब निजी विश्वविद्यालय (विवि) के गठन को लेकर अब नयी नियमावली बनायी जाएगी. नयी नियमावली एक पखवारे के बाद प्रभावकारी हो जाएगी. उच्च तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग की तरफ से नयी नियमावली को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. सरकार के इस फैसले से विवि खोलने के प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ गये हैं. जानकारी के अनुसार सरकार अब एक ही जिले में कुकुरमूत्ते की तरफ विवि खोलने को मंजूरी नहीं देगी. यह देखा जाएगा कि कौन-कौन से जिले में कितने निजी और सरकारी विवि हैं. यदि किसी जिले में एक भी विवि नहीं है, तो वहां ही नए निजी विवि खोलने की अनुमति दी जायेगी. यह भी देखा जायेगा कि एक जिले में एक सीमित संख्या में ही निजी विवि के गठन को मंजूरी दी जा सके. इससे छात्रों के विवि में नामांकन और आधारभूत संरचना पर पूरी तरह निगरानी रखी जा सकेगी. रांची में एमिटी, ऊषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, वाईबीएन यूनिवर्सिटी, राय यूनिवर्सिटी, सांई विवि समेत अन्य को सरकार की तरफ से निजी विवि खोलने की अनुमति प्रदान की गयी है. अब मॉडल यूनिवर्सिटी एक्ट बनाने पर काम चल रहा है.

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लटका जेसी बोस यूनिवर्सिटी का मामला

सरकार के इस फैसले से राजधानी रांची में आचार्य जगदीश चंद्र बोस यूनिवर्सिटी समेत पांच से अधिक विवि का गठन अब नहीं हो पाएगा. जेसी बोस यूनिवर्सिटी का आवेदन एक वर्ष पूर्व विभाग के पास दिया गया था. विभाग के उप निदेशक (शिक्षा) संजीव चतुर्वेदी की तरफ से रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश पांडेय को आधारभूत संरचना एवं मॉडल गाइडलाइन के अनुरूप सरकार को रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया था. इसका अनुपालन अब तक नहीं किया गया.

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स्थानीय विवि के कुलपति होते हैं स्थल जांच समिति के अध्यक्ष

निजी विवि के गठन को लेकर संबंधित जिले में अवस्थित सरकारी विवि के कुलपति स्थल जांच समिति के अध्यक्ष होते हैं. रांची में आनेवाले प्रस्तावों पर रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश पांडेय की अध्यक्षता में स्थल जांच रिपोर्ट सरकार को अनुशंसा के साथ भेजी जाती है. यह बैठक पिछले छह माह से नहीं हुई है. डॉ रमेश पांडेय से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उनके पास कितने प्रस्ताव लंबित हैं, यह उनकी जानकारी में नहीं है. उन्होंने कहा कि वे व्यस्त हैं आप बाद में बात करें. इनकी ही रिपोर्ट पर पिछले कुछ दिनों में सरला बिरला यूनिवर्सिटी समेत अन्य को निजी विवि बनाने की मंजूरी मिली है.

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