Ranchi

नये सिंबल से होगी एमबीबीएस डॉक्टरों की पहचान

Ranchi: एमबीबीएस डॉक्टरों की पहचान अब नये लोगो (Logo) से की जा सकेगी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मांग पर भारत सरकार ने इस संबंध में एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए सिंबल में बदलाव किया है. बदलाव के बाद अब रेड क्रॉस सिंबल के बीच में Dr लिखा रहेगा. झोलाछाप डॉक्टरों से निजात पाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. सरकार से मान्यता मिलने के बाद अब एमबीबीएस डॉक्टर अब नये सिंबल का उपयोग शुरु हो चुका है. आईएमए के साइट पर अब पुराना लोगो को बदलकर नया लोगो अपडेट कर दिया गया है. इस लोगो का प्रयोग सिर्फ एलोपैथी के चिकित्सक ही कर पायेंगे. इससे एलोपैथी, आयुष और झोलाछाप डॉक्टरों की पहचान हो सकेगी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लंबे समय से अलग पहचान देने की मांग कर रहा था. ऐसोसिएशन की इस मांग को मानते हुए सरकार ने नया लोगो जारी कर दिया है.

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अयोग्य व्यक्ति द्वारा सिंबल प्रयोग किये जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया द्वारा एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टर ही इस सिंबल का प्रयोग करेंगे. इसका मुख्य उद्देश्य झोलाछाप डॉक्टरों पर रोक लगाना है. यदि कोई बिना योग्यता के इस सिंबल का प्रयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवायी करने का प्रावधान है. एमबीबीएस डॉक्टर इस सिंबल का प्रयोग अपने हॉस्‍पीटल, क्लिनिक, पर्ची, व अन्य स्थानों पर कर सकते हैं. इससे सामान्य व्यक्ति जो डॉक्टर के पास इलाज कराने जाते हैं. वे डॉक्टर की योग्यता की आसानी से पहचान कर सकेंगे. यदि कोई अयोग्य व्यक्ति इस सिंबल का प्रयोग करते पाया गया तो कॉपी राइट कानून के तहत उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जायेगी. आरोपी को 6 महीने से 3 साल तक की सजा व 50 हजार से दो लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.

Sanjeevani

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डॉक्टरों की पहचान करने में मदद मिलेगी: डॉ संजय

इस संबध में रिम्स के डिप्टी सुपरीटेंडेंट डॉ संजय कुमार ने बताया कि लंबे समय से इसकी जरुरत महसूस की जा रही थी. नया सिंबल से योग्यताधारी डॉक्टरों की पहचान करने में मदद मिलेगी. इससे झोलाछाप डॉक्टरों की भी पहचान हो सकेगी और लोग उनके पास इलाज कराने जाने से बचेंगे. सभी एमबीबीएस डॉक्टर अब नये लोगों का इस्तेमाल करेंगे.

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