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बिस्किट के डब्बे में रिम्स पहुंचा नवजात का शव

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Ranchi:  मानवता इस कदर मर चुकी है कि आज लोग अपने ही हिस्से को झाडियों, नालियों में फेंकने से जरा भी संकोच नहीं करते. आये दिन इसके उदाहरण देखने के लिए मिल जाते हैं. सोमवार को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया. डोरंडा पारसटोली स्थित नाले के पास एक नवजात के शव को बिस्किट के डब्बे में डाल कर फेंक दिया गया. उसके आसपास कुत्ते भौंक रहे थे. इससे स्थानीय लोगों को शक हुआ. लोगों ने जब डब्बे को खोलकर देखा तो, उसमें नवजात बच्ची का शव मिला. लोगों ने डोरंडा पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने नवजात के शव को रिम्स भिजवाया. सरकार एक ओर जहां ‘बेटी बचाओ,  बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर जोर दे रही है वहीं दूसरी ओर बेटियों से जुड़ी हमारी संवेदना इस तरह गायब हो रही है.

रिम्स और सदर अस्पताल में ऐसे ही नवजात के लिए लगा है पालना

रिम्स और सदर हॉस्पिटल में पालना संस्था की ओर से नवजात बच्चों के लिए पालना लगवाया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य भी यही है कि वैसे बच्चे जिन्हें कोई अपने पास रखना नहीं चाहते हैं, वे बच्चे को पालना में डाल कर चले जायें. फिर इसे किसी व्यक्ति या संस्था के हवाले किया जाएगा. पालना की प्रतिनिधि मोनिका आर्या ने बताया कि आज भी कई ऐसे दंपत्ती हैं जो बच्चें के लिए तरस रहे हैं. उन्हें बच्चें की जरूरत है. ऐसे लोगों के लिए ही अस्पताल में पालना लगवाया गया है. लेकिन अस्पताल और सरकार से हमें सहयोग नहीं मिल रहा है. रिम्स में जिस पालने को लगवाया गया था वह अब एक ओर पड़ा रहता है. सदर अस्पताल का पालना एक कमरे में बदं कर दिया गया है. इसके अलावा लोगों में भी जागरुकता की कमी है. दो महीने हो गए, लेकिन अबतक एक भी बच्चा इस पालने में नहीं डाला गया. दूसरी और नवजात को मारकर फेंकने का सिलसिला थम भी नहीं रहा है.

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