Ranchi

नेताजी सुभाष पार्क पर छाया खतरा, फूल-पौधे बेचनेवाले लगायेंगे पार्क में दुकान

  • पर्यावरणविद आरपी शाही ने निगम के इस कदम पर जतायी आपत्ति
Sanjeevani

Ranchi : रांची नगर निगम अंतर्गत कचहरी चौक स्थित नेताजी सुभाष पार्क पर खतरा मंडराने लगा है. ऐसा इसलिए, क्योंकि अब जल्द ही इस पार्क को सड़क किनारे फूल और पौधे बेचनेवाले दुकानदारों के हवाले कर दिया जायेगा. निगम की स्टैंडिंग कमिटी से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है. मंजूरी मिलने के बाद निगम ने पार्क को इन दुकानदारों को छह रुपये प्रति वर्गफीट के शुल्क पर किराये पर देने का फैसला किया है. इससे एक तरफ जहां पार्क के अस्तित्व पर खतरा हो गया है, वहीं इससे भविष्य में आम लोगों के घूमने-फिरने व आराम करने पर भी परेशानी बढ़ गयी है. निगम बाजार शाखा के मुताबिक, स्टैंडिंग कमिटी की बैठक के बाद अब कचहरी में सड़क किनारे फूल व पौधे बेचनेवाले दुकानदारों को बसाया जायेगा. बदले में इन दुकानदारों से निगम प्रतिमाह छह रुपये प्रति वर्गफीट की दर पर शुल्क वसूलेगा. बहुत जल्द इस पूरे पार्क को इन फुटपाथ दुकानदारों के हवाले कर दिया जायेगा.

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पहले ही निगम कई खुले स्थानों को कर चुका है खत्म : आरपी शाही

निगम के इस निर्णय पर पर्यावरणविद आरपी शाही का कहना है कि निगम ने अपने कारनामों से पहले ही शहर की खुली जगहों को खत्म कर दिया है. निगम क्षेत्र में बेतहाशा बड़े-बड़े भवन बने. ऐसे में नेताजी पार्क को बर्बाद करने की निगम की पहल कोई नयी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले भी हमलोगों ने सरकार से इसे रोकने की मांग की थी. अब शायद चुनाव बाद नयी सरकार बनती है, तो कुछ सकारात्मक काम हो. उनका कहना है कि आज खेलने-कूदने के नाम पर शहर में गिने-चुने मैदान हैं, जिसमें में भी सालों भर किसी न किसी तरह का कार्यक्रम चलता ही रहता है. इस कारण से इन मैदानों में प्रतिदिन खेलने-कूदने पहुंचनेवाले बच्चों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है. शहर के जिम्मेदार नागरिक भी समय-समय पर खुली जगहों को खत्म करने पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं.

जाम लगता है, इसलिए निगम ने की यह कार्रवाई : मेयर

पूरे मामले पर मेयर आशा लकड़ा का कहना है कि सड़क पर फूल-पौधे बेचनेवाले इन दुकानदारों के कारण जाम लगा रहता है. ऐसे में इन दुकानदारों को बसाने के लिए सबसे अच्छी जगह यही पार्क था. दुकानदारों के लिए पूर्व में 12 रुपये प्रति वर्गफीट की दर किराये के रूप में निर्धारित की गयी थी, जिसे दुकानदारों ने कम करने का आग्रह किया था. अब इस दर को भी आधा करके छह रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया है.

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