Jamshedpur

न बेटी की लाश मिली, न न्याय, दो महीने से वृद्ध माता-पिता लगा रहे हैं थाना और एसएसपी कार्यालय का चक्कर

21 सितंबर को सिदगोड़ा के बागुनहातु में नदीकिनारे मिला था शव, पुलिस ने किन्नर बताकर 72 घंटे बाद कर दिया था डिस्पोजल

Jamshedpur : जुगसलाई थाना अंतर्गत गौशाला के पास रहने वाले ब्रजेश दूबे को उनकी बेटी अर्चना की मौत के बाद उसका शव तो नहीं मिला था, करीब दो महीने से अपनी पत्नी के साथ थाना और एसएसपी कार्यालय का चक्कर काटने के बाद उन्हें अबतक न्याय भी नहीं मिला है. न्याय की आस में यह वृद्ध दंपति आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को विवश है. गुरुवार को अर्चना के वृद्ध माता-पिता एक बार फिर न्याय की गुहार लगाने एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे.

बता दें कि मामला उसी अर्चना दूबे की मौत से जुड़ा है, जिसका 21 सितंबर को बागुनहातु में नदी किनारे से शव बरामद किया गया था. हालांकि पुलिस ने उसे किन्नर का शव बताकर 72 घंटे के बाद डिस्पोजल कर दिया था.

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प्रेम संबंध में हत्या 

यहां उन्होंने एक बार फिर बागबेड़ा के प्रधान टोला के संतोष मंडल पर भाई के साथ मिलकर अर्चना की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से उनपर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी पुत्री अर्चना और संतोष मंडल के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध था. हालांकि संतोष मंडल ने कुछ महीने पूर्व अर्चना से शादी करने से इंकार कर दिया था. इससे उनकी पुत्री तनाव में रहती थी और संतोष मंडल पर शादी करने के लिए दवाब बना रही थी. 19 सितंबर को अर्चना संतोष मंडल से मिलने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वापस घर नहीं लौटी. उसके बाद 21 सितंबर को सिदगोड़ा के बागुनहातु नदी किनारे उसका शव बरामद किया गया था. अर्चना के माता-पिता के किस्मत में शायद उसका शव भी देखना नहीं लिखा था. हालांकि इस वृद्ध दंपत्ति को अब भी न्याय की आस जरूर है.

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Nayika

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