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अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है नेहरू पार्क, मूक-बधिर बन बैठे हैं अधिकारी और नेता

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Dhanbad : धनबाद कोयलांचल में ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के प्रति न सिर्फ शासन, प्रशासन बल्कि हम आप जैसे जिम्मेवार नागरिक भी संवेदनहीन बने हुए हैं. जिले में कुछ गिने-चुने सार्वजनिक पार्क ही हैं. उन्हीं में से एक नेहरू उद्यान भी है, जो धनबाद-रांची रोड (करकेंद और पुटकी) के बीचों-बीच मौजूद है.

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शाम के वक्त आकर्षण का केंद्र हुआ करता था नेहरू पार्क

इस पार्क में आसपास के क्षेत्र के लोग घूमने आते थे, बच्चों खेला करते थे. राजनैतिक पार्टियों की रैलियां भी हुअ करती थीं. इस पार्क में प्रतिदिन आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों युवा भारतीय थल सेना, वायु सेना, जल सेना, अर्द्ध सैनिक बल और पुलिस बल में बहाल होने के लिए अभ्यास करने आते हैं. सैकड़ों युवा विभिन्न संस्थानों में सेवा दे रहे हैं. पर आज नेहरू उद्यान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. पहले इस पार्क में बिजली-पानी, बच्चों के खेलने के लिए झूला, विभिन्न प्रकार के फूल पौधे लगे हुए थे.

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असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ी सूरत

कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पार्क में बैठने के लिए बनायी गयी कुर्सियों को भी तोड़ दिया है. अब यहां बैठने के लिए भी सीमित जगह बची हुई है. चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है. चारों तरफ जंगली पेड़ पौधे उगे हुए हैं. कई पेड़ आंधी के कारण गिर पड़े हैं, बारिश के कारण जगह-जगह जल जमाव हो गया है. जिसके कारण आज कल बच्चे भी पार्क जाने से कतराने लगे हैं.

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प्रसाशन को नहीं है कोई चिंता, बद से बदतर होती जा रही है स्थिति

इस पार्क की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. लेकिन धनबाद के किसी भी अधिकारी को इससे मतलब नहीं है. दिन ब दिन पार्क जंगल में तब्दील होता जा रहा है. पार्क से झूले गयाब हो चुके हैं, कुर्सियों को तोड़ दिया गया है. फल फूल नष्ट हो गये हैं. जगह-जगह कीचड़ और जल जमाव हो गया है .

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