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रिम्स में लापरवाही : ट्रॉलीमैन ने लगाया मरीज को ऑक्सीजन पाइप और भूल गया सिलिंडर ऑन करना, चली गयी मरीज की जान

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Ranchi : रिम्स में लापरवाही की असंख्य कहानियां हैं. कई मौतें रिम्स के कर्मचारियों की लापरवाही की ही देन  रहती हैं. गुरुवार को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक ट्रॉलीमैन की लापरवाही से गढ़वा के रहनेवाले उपेंद्र पासवान की जान चली गयी. ट्रॉलीमैन ने खुद ऑक्सीजन का पाइप उपेंद्र के मुंह में लगाया, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर का नॉब ऑन करना ही भूल गया. उपेंद्र के परिजनों ने बताया कि ऑक्सीजन पाइप को ट्रॉलीमैन ने ही मरीज के मुंह में लगाया था, लेकिन उसने नॉब ऑन नहीं किया, जिससे मरीज की मौत हो गयी. परिजनों का कहना है कि उपेंद्र पासवान ठीक थे और उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लेकर जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी.

सभी ट्रॉलीमैन लगाते हैं ऑक्सीजन

जिस ट्रॉलीमैन ने ऑक्सीजन पाइप लगाया था, उससे जब पूछा गया, तो उसने बताया कि सभी ट्रॉलीमैन खुद से ही मरीज को ऑक्सीजन लगाते हैं. यह पहली बार नहीं है. उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इसकी कोई ट्रेनिंग दी गयी है, तो ट्रॉलीमैन ने बताया कि उन्हें इसकी कोई ट्रेनिंग नहीं मिली है. उपेंद्र के ससुर ने कहा कि रिम्स में सारा काम सुरक्षाकर्मियों से ही कराया जाता है.

उपेंद्र को थी किडनी की बीमारी

दरअसल, उपेंद्र पासवान को किडनी की बीमारी थी. उन्हें इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था. डॉ जेके मित्रा यूनिट में उनका इलाज चल रहा था. गढ़वा के रहनेवाले उपेंद्र पीडीएस दुकान चलाते थे. वह अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गये हैं. उपेंद्र के परिजन राकेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज से पहले 19-20 प्रकार के टेस्ट लिख दिये थे. वह सब टेस्ट कराने में ही व्यस्त थे. कभी मरीज को एक्स-रे कराने लेकर जाते, तो कभी पैथोलॅजी के लिए ले जाते थे. जांच भी समय पर नहीं होती थी. बार-बार उन्हें दौड़ाया जाता था.

दो माह पहले सुरक्षा गार्ड ने महिला मरीज को खुद ही दे दिया था इंजेक्शन, मरीज की हो गयी थी मौत

रिम्स में रहते-रहते ये सुरक्षा गार्ड और ट्रॉलीमैन खुद को ही डॉक्टर समझ बैठे हैं. कभी सुरक्षा गार्ड मरीज को इंजेक्शन देने लगता है, तो कभी ऑक्सीजन का पाइप भी खुद से ही मरीज को लगाने का काम करता है. दो माह पहले ही गार्ड ने महिला मरीज को खुद से ही इंजेस्क्शन देने का काम किया था. इसमें भी मरीज की जान चली गयी थी. लेकिन, इस घटना से भी रिम्स के सिस्टम में कोई सुधार नहीं आया है. आये दिन लापरवाही की कोई न कोई घटना सामने आती रहती है. मरीज के परिजन हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यशैली से काफी परेशान रहते हैं.

ऐसा कुछ नहीं है, सिलिंडर में ऑक्सीजन थी, लेकिन नर्स ने सिलिंडर खोला था या नहीं, यह जांच का विषय है. इस पर जांच करायी जायेगी.

-डॉ विवेक कश्यप, सुपरिंटेंडेंट, रिम्स

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