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नीरज सिंह हत्याकांड : पिस्टल रखने में गोलगप्पा वाला और मोनू दोषी करार

विधायक संजीव सिंह के मामा बाइज्जत बरी

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  • पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने अशोक महतो के घर से पिस्टल जब्त की थी

Dhanbad :  कांग्रेस नेता सह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या से जुड़े एक मामले में मंगलवार को  अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीता श्रीवास्तव की अदालत ने आ‌र्मस एक्ट के मामले में मोनू सिंह और अशोक महतो को दोषी करार दिया. जबकि झरिया के विधायक संजीव सिंह के मामा और चर्चित रामधीर सिंह के शाला प्रशांत सिंह बाइज्जत बरी हो गए.

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क्या है पूरा मामला 

21 मार्च 2017 को कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के बाद सरायढेला पुलिस ने सत्ताधारी भाजपा के झरिया से विधायक संजीव सिंह के समर्थकों की धरपकड़ शुरू की. इस दौरान बिग बाजार के सामने गोलगप्पा का ठेला लगाने वाले अशोक महतो के घर छापामारी कर विदेशी पिस्टल जब्त की गई. महतो का कहना था कि सिंह मेंशन समर्थक मोनू सिंह ने पिस्टल रखने के लिए दिया था. इसके बाद पुलिस ने मोनू सिंह की गिरफ्तारी की. मोनू का कहना था कि पिस्टल रामधीर सिंह के शाला प्रशांत सिंह का है. इसके बाद प्रशांत सिंह की भी गिरफ्तारी हुई. तीनों जेल भेज दिए गए.

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सजा की बिंदु पर 11 को होगा फैसला 

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आर्मस एक्ट के मामले में मंगलवार को प्रशांत सिंह को बरी कर दिया. जबकि मोनू सिंह और अशोक महतो को दोषी करार दिया गया. हालांकि मोनू और अशोक की सजा की बिंदु पर अभी फैसला नहीं हुआ है. इस मामले में दोनों कितने वर्ष सजा काटेंगे इस बिंदु पर 11 अक्टूबर को अदालत फैसला सुनाएगा.

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